रिलायंस इंडस्ट्रीज ने उच्च न्यायालय से कहा – AAP सरकार के पास FIR दर्ज कराने का अधिकार नहीं

Wednesday, July 26th, 2017, 5:30 am

कंपनी ने कहा कि एसीबी के पास इस तरह के मामलों की जांच का अधिकार नहीं है.

नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि उसके खिलाफ केजी 6 बेसिन की गैस के दाम बढ़ाने को कथित अनियमितता के लिए दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द कर दिया जाए, क्योंकि आप सरकार उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की पात्रता नहीं रखती.

कंपनी ने न्यायमूर्ति एके चावला को बताया कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार रोधक शाखा (एसीबी) द्वारा उसके खिलाफ 2014 में दर्ज कराई गई एफआईआर के खिलाफ अपील को मंजूर किया जाना चाहिये. कंपनी ने कहा कि एसीबी के पास इस तरह के मामलों की जांच का अधिकार नहीं है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बारे में उच्च न्यायालय की खंडपीठ के 4 अगस्त, 2106 के फैसले का भी जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि एसीबी के पास सिर्फ उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच का अधिकार है और उसके पास केंद्र सरकार के कर्मचारियों की जांच का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि खंडपीठ का फैसला कंपनी के पक्ष में है और यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय के 4 अगस्त, 2016 के फैसले पर रोक नहीं लगाई है

दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता गौतम नारायण ने अदालत को बताया कि 4 अगस्त, 2016 के फैसले को पहले ही उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है. अदालत ने तमाम दलीलों पर गौर करते हुये मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 नवंबर तय की है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहले कार्यकाल में एसीबी को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने को कहा था.