देश में भर में अपहरण, छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले बढ़े

Wednesday, August 9th, 2017, 3:15 am

दिल्ली में महिला के प्रति अपराध के मामले सबसे ज्यादा रहे। यहां 17,104 केस प्रति एक लाख महिला आबादी पर 184.3 की अपराध दर से दर्ज हुए। असम इस मामले में दूसरे और हरियाणा छठे नंबर पर रहा।

देशभर में महिलाओं के संग 2015 में अपहरण, छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले बढ़े हैं। हालांकि बलात्कार के मामलों में कमी आई है। ऐसा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का कहना है। एनसीआरबी के मुताबिक अगर 2014 से तुलना करें तो निश्चित रूप से बलात्कार के मामले घटे हैं। एनसीआरबी की 2016 के अपराध आंकड़ों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2015 में महिलाओं के प्रति अपराध में 3.1 फीसद की कमी आई। 2015 में जहां 3,27,394 मामले अपराध के दर्ज हुए, वहीं 2014 में यह संख्या 3,37,922 थी। इसी तरह बलात्कार के मामले 2015 में 5.7 फीसद कम हुए। 2014 में 36,735 मामले बलात्कार के दर्ज हुए थे वहीं 2015 में यह संख्या घटकर 3,651 रह गई।

2015 की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिलाओं के यौन प्रताड़ना संबंधी अपराध 2.5 फीसद बढ़ गए। इसमें छेड़छाड़, पीछा करना, घूरना वगैरह शामिल हैं। 2015 में 84,222 ऐसे मामले दर्ज किए गए जबकि 2014 में यह संख्या 82,235 थी। इसी तरह महिलाओं के अपहरण के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2014 में जहां 57,311 अपहरण हुए थे, वहीं 2015 59,277 अपहरण हुए। महिलाओं को शादी के लिए विवश करना अपहरण का प्रमुख कारण है। 2015 में 54 फीसद महिलाएं इसी कारण से अपह्रत की गईं। 2014 में इसी वजह से 50 महिलाएं अगवा की गई थीं। दिल्ली में महिला के प्रति अपराध के मामले सबसे ज्यादा रहे। यहां 17,104 केस प्रति एक लाख महिला आबादी पर 184.3 की अपराध दर से दर्ज हुए। असम इस मामले में दूसरे और हरियाणा छठे नंबर पर रहा।

राज्य मामले राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर %
दिल्ली 17,104 52
तेलंगाना 15,135 4.6
ओडीशा 17,144 5.2
राजस्थान 28,165 8.6
हरियाणा 9,446 2.9
पश्चिम बंगाल 33,218 10.1

राज्य घटनाएं प्रति एक लाख महिला आबादी

दिल्ली 2,199 23.7
छत्तीसगढ़ 1,560 12.2
मध्य प्रदेश 4,391 11.9
ओडीशा 2,251 10.8
राजस्थान 3,644 10.5
महाराष्ट्र 4,144 7.3
उत्तर प्रदेश 3,025 3.0