Exclusive: क्या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़ मुमकिन है? देखिए खास रिपोर्ट

Friday, May 12th, 2017, 2:37 pm

क्या कोई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन हैक की जा सकती है? एनडीटीवी के साइंस एडिटर पल्लव बागला ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के इंजीनियरों के साथ इसका जायज़ा लिया.

नई दिल्ली: क्या कोई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन हैक की जा सकती है? एनडीटीवी के साइंस एडिटर पल्लव बागला ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के इंजीनियरों के साथ इसका जायज़ा लिया. उनका कहना है कि आप मदरबोर्ड नहीं बदल सकते, लेकिन अगर आप ईवीएम के मदरबोर्ड को ट्रांजिस्टर के मदरबोर्ड से भी बदल डालें तो वो ट्रांजिस्टर बन जाएगा. वह ईवीएम नहीं रह जाएगा. यही नहीं, अगर आप बैलटिंग यूनिट पर कई बटन एक साथ दबा दें तो वह बिल्कुल बेकार हो जाएगा. गौरतलब है कि ईवीएम से छेड़छाड़ के संशय को दूर करने के लिए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें सात राष्ट्रीय तथा 35 क्षेत्रीय पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. आयोग ने राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आईआईटी के विशेषज्ञों ने भी राजनीतिक दलों के संदेहों को दूर करने की कोशिश की.

खास बातें

  1. कंट्रोल यूनिट में EVM का दिल होता है जिसे माइक्रो प्रोसेसर कहते हैं
  2. इसमें वन टाइम प्रोसेसिंग चिप होती है, दोबारा प्रोग्राम नहीं कर सकते
  3. ट्रांजिस्टर का मदर बोर्ड लगा देंगे तो EVM ट्रांजिस्टर की तरह काम करेगा
  4. वॉशिंग मशीन का मदर बोर्ड लगा दें तो वॉशिंग मशीन जैसा काम करेगा
  5. मदर बोर्ड निकालने के बाद ये EVM नहीं रहेगा, कुछ भी बन जाएगा
  6. जो बटन आप दबाएंगे सिर्फ़ उसी की पर्ची VVPAT से निकलेगी’

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा में ईवीएम टाइप मशीन टेंपरिंग का लाइव डेमो दिखाया. इससे पहले बुधवार को एनडीटीवी से खास बातचीत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मैंने ईवीएम जैसी मशीन को हैक करके दिखाया था. हमारी टीम को गिरफ्तारी का डर था इसलिए हमने विधानसभा में डेमो दिया. अगर हम गिरफ्तार हो जाते तो हम जनता को ईवीएम को हैक करके दिखाने का मौका खो देते. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम चुनाव आयोग के सामने EVM हैक करके दिखा देंगे. अगर चुनाव आयोग के सामने हैक नहीं कर पाए तो जो सज़ा चुनाव आयोग देगा मंजूर होगी.