Shami refused to meet me: Hasin Jahan

New Delhi [India], Mar. 27 (ANI): Mohammed Shami’s estranged wife Hasin Jahan, who was in Delhi to meet the Indian pacer, on Tuesday alleged that Shami not only refused to see her but also threatened her.

Jahan was in Delhi to see Shami after the fast bowler met with a road accident and suffered injuries.

“I had come to see Shami as he was injured, but he refused to meet me. He threatened me and said ‘I will see you in court now’,” Jahan told reporters here.

Jahan and Shami are currently fighting a legal battle after the former accused the latter of having extra-marital affairs.

“Yes he met and played with our daughter, but he did not acknowledge me, his mother was acting like a bodyguard,” Jahan added.

Shami has been booked under various bailable and non-bailable offences, including an attempt to murder, after Jahan’s complaint. (ANI)

BJP defends its IT head over K’taka poll dates row

Union Minister of Minority Affairs Mukhtar Abbas Naqvion Tuesday defended Bharatiya Janata Party (BJP) IT Cell head Amit Malviya for his tweet on Karnataka assembly election dates.

Naqvi said Malviya had no intention to undermine the stature of the Election Commission (EC).

Talking to media, Naqvi said, “Amit Malviya’s tweet was based on a TV channel’s source. He had no intention to undermine the stature of the EC. A Karnataka Congress leader had also tweeted the same thing. We agree that he (Malviya) should not have tweeted it.”

A delegation led by Naqvi met the EC officials in connection with the case.

Ahead of the announcement of polling and counting dates for Karnataka, Malviya took to Twitter to announce that the polling date would be May 12 and counting would be on May 18.

However, following social media uproar on his knowledge of the dates prior to the official announcement, Malviya deleted the tweet.

On a related note, a delegation led by Naqvi is slated to meet EC officials in connection with Malviya’s tweet on the election dates.

The 224-member Karnataka Assembly will go to polls on May 12, and counting of votes will be held on May 15, as announced by Chief Election Commissioner O P Rawat in a press conference held earlier today. (ANI)

बड़े से बड़ा पुलिस ऑफिसर भी तुरंत सुनेगा आपकी बात, बस जान लें ये 7 बातें

> फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) एक रिटन स्टेटमेंट होता है। कॉग्निजेबल ऑफेंस होने पर पुलिस एफआईआर लिखने के बाद इन्वेस्टिगेशन शुरू करती है। कॉग्निजेबल ऑफेंस वह होता है, जिसमें पुलिस बिना वारंट के संबंधित व्यक्ति को अरेस्ट कर सकती है। ऐसे में पुलिस को कोर्ट से भी किसी तरह की परमीशन नहीं लेना होती।

> वहीं नॉन कॉग्निजेबल ऑफेंस होने पर एफआईआर लिखने से पहले पुलिस को मजिस्ट्रेट की परमीशन लेना होती है। बिना वारंट के पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकती।

शिकायतकर्ता को होता है कॉपी लेने का अधिकार,

> ऐसा जरूरी नहीं है कि सिर्फ पीड़ित व्यक्ति ही एफआईआर लिखवाए। कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसे घटना की जानकारी है वे एफआईआर दर्ज करवा सकता

है। यदि किसी पुलिस अधिकारी को किसी घटना की जानकारी है तो वह खुद भी एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। वहीं एफआईआर लिखने में देरी नहीं की जा सकती। उचित कारण होने पर ही एफआईआर लिखने में देरी हो सकती है।

> शिकायतकर्ता को एफआईआर की एक कॉपी लेने का अधिकार होता है। पुलिस इसके लिए मना नहीं कर सकती। इसके एवज में किसी तरह का शुल्क भी शिकायतकर्ता से नहीं लिया जा सकता।

> वहीं एफआईआर लिखने के बाद यह पुलिस ऑफिसर की ड्यूटी होती है कि एफआईआर में जो लिखा गया है, वो शिकायतकर्ता को पढ़कर सुनाया जाए। शिकायतकर्ता इससे सहमत हुआ तो वो इस पर हस्ताक्षर कर सकता है। पुलिस अधिकारी एफआईआर में खुद कुछ टिप्पणी नहीं कर सकते। वे किसी पॉइंट को हाइलाइट भी नहीं कर सकते।

> यदि कोई भी पुलिस अधिकारी एफआईआर लिखने से मना करता है तो शिकायतकर्ता क्षेत्र के सीनियर ऑफिसर को इसकी शिकायत कर सकता है। वहां से भी समस्या का समाधान न हो तो मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकती है।

मजिस्ट्रेट पुलिस को एफआईआर लिखने के लिए आदेश दे सकते हैं।

> एफआईआर में घटना की पूरी जानकारी लिखवाना होती है, जैसे अपराध कब हुआ, कहां हुआ, समय क्या था, किसने किया, किसने देखा, क्या नुकसान हुआ आदि। एफआईआर दर्ज होने के शुरुआती एक हफ्ते में प्रारंभिक जांच पुलिस को पूरी करना जरूरी होता है।

सऊदी की गरीबी दिखातीं PHOTOS, अमीर शेखों के देश में भी ऐसे जी रहे लोग

इंटरनेशनल डेस्क.अमीर शेखों के देश सऊदी अरब की आमतौर पर एक ही तस्वीर सामने आती है। जबकि यहां एक तबका ऐसा भी है, जो जबरदस्त गरीबी में जी रहा है। फ्रेंच फोटोग्राफर एरिक लफ्फार्ज ने यहां के दोनों तबके के लोगों की डेली लाइफ कैमरे में कैद की। उन्होंने यहां के शहरी और अमीरों के इलाकों से ज्यादा गांवों और गरीब तबकों वाले इलाकों का दौरा दिया। यहां एक तरफ अमीरी की चकाचौंध है तो दूसरी तरफ जबरदस्त गरीबी दिखती है। उन्होंने हर फोटो के पीछे की कहानी बयां की थी और अपने अनुभव शेयर किए। हर जगह दिखेंगे पुलिस एस्कॉर्ट से घिरे…

– एरिक ने बताया कि यहां टूरिस्ट वीजा के लिए लोकल ट्रैवल एजेंसी या कंपनी से स्पॉन्सरशिप लेने की जरूरत होती है।
– मक्का में तीर्थयात्रियों की जबरदस्त भीड़ आने के चलते एजेंसी गैर मुस्लिमों की मदद में ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं दिखाती हैं।
– लिहाजा, एरिक को भी वीजा के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा और 2012 में वो 15 दिन के टूर पर सऊदी पहुंचे।
– यहां के नियम-कायदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि 30 साल से कम उम्र की महिला यहां बिना हसबैंड या भाई के घर से बाहर नहीं निकल सकती है।
– इसके साथ ही एल्कोहल, पोर्नोग्राफी, गैम्बलिंग और पोर्क को लेकर यहां सख्त तौर पर मनाही है। महिलाओं के लिए अबाया पहनना कम्पलसरी है।
– एरिक ने बताया कि यहां हर जगह आपका वेलकम होगा, लेकिन आप हर जगह खुद को पुलिस एस्कॉर्ट से घिरा भी पाएंगे।

पहला अनुभव रहा ऐसा
– एरिक ने बताया कि इस देश में दाखिल होने के वक्त प्लेन में पहला अनुभव ही बहुत दिलचस्प रहा।
– लैंडिंग से पहले लुफ्थांसा एयरलाइन्स के मेरे प्लेन में एल्कोहल की सारी बोतलें एक बॉक्स में भर दी गई थीं।
– साथ ही, सभी पैसेंजर्स को हिदायत दी गई कि अगर किसी पास इजरायली करंसी हो तो उसे छिपाकर रखें।
– एरिक ने कहा, “देश के अंदर पहला अनुभव अच्छा नहीं रहा, क्योंकि इंडोनेशियन वर्कर के साथ लाइन में खड़े होकर यहां एंट्री करनी पड़ी।”

गाजा जैसा दिखता है आधा सऊदी
– एरिक का यहां घूमने के बाद पहला इम्प्रेशन यही था कि देश के कई इलाकों में अब भी काफी गरीबी है।
– उन्होंने कहा कि देश करीब से देखने के बाद उतना अमीर नहीं लगता है, जिसकी हम कल्पना करते हैं।
– एरिक ने कहा, ”मैं यहां के रिच और बिलेनियर्स के इलाकों से ज्यादा ऐसे पिछड़े इलाकों में गया जो गाजा जैसे दिखते हैं। मैंने कुछ रिमोट विलेज का भी दौरा किया।
– उनके मुताबिक, कल्चर के मामले में सऊदी के लोग बहुत अलग हैं। यहां ह्यूमन राइट्स और जस्टिस में बहुत बड़ा गैप है।
– गाइड ने उन्हें यहां रियाद का वो स्क्वेयर भी दिखाया, जहां पब्लिक के बीच में मर्डर के दोषियों का सिर कलम किया जाता है।
– एरिक ने जब गाइड को बताया कि उनके देश में इस तरह मौत देने पर 1881 में ही पाबंदी लग गई थी, तो उसे विश्वास नहीं हो रहा था।

मेहमानवाजी की तारीफ की
– एरिक ने यहां की मेहमानवाजी की तारीफ की और कहा कि इस सफर में मैं सिर्फ पुरुषों से मिला। कभी महिलाओं से मुलाकात नहीं हुई।
– एरिक के मुताबिक, सऊदी में लोग काम नहीं करते। उनकी जिंदगी सरकार से मिली रकम पर चलती है। ऐसे वो खाली रहते हैं और हमेशा आपको गाइड करने और आपके खाने का इंतजाम करने के लिए तैयार रहते हैं।

300 लोगों की लिस्ट में चमकी यह एक बॉलीवुड एक्ट्रेस, फोर्ब्स ने जारी की लिस्ट

मुंबई.बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने ’30 अंडर 30 एशिया’ की लिस्ट जारी की है। खास बात यह है कि इस लिस्ट में बॉलीवुड से सिर्फ एक एक्ट्रेस ही अपनी जगह बना पाई है। ‘रब ने बना दी जोड़ी’ (2008), ‘पीके’ (2014), ‘एन एच 10’ (2015) और ‘सुल्तान’ (2016) जैसी फिल्मों की एक्ट्रेस रहीं 29 साल की अनुष्का शर्मा ने फोर्ब्स की इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। 24 देशों के चेहरों को किया शामिल…

– फोर्ब्स ने अपनी इस लिस्ट में एशिया पैसिफिक के 24 देशों के कई पॉपुलर चेहरों को जगह दी।
– करीब 300 लोगों को इस लिस्ट में शामिल किया गया,जिन्हें आर्ट, एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट और बिजनेस सहित 10 अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया। इन सभी का चयन अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया।
– लिस्ट में इंडियन बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू का नाम भी शामिल है।

ऐसा रहा अनुष्का का करियर

2007 में अनुष्का शर्मा ने बतौर मॉडल करियर की शुरुआत की थी। इसके करीब एक साल बाद 2008 में यशराज प्रोडक्शन की फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा।
– कई सुपरहिट फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस क्लीनस्लेट फ्लिम्स खोला और 2015 में इसके बैनर तले पहली फिल्म ‘एनएच 10’ बनाई, जिसकी एक्ट्रेस भी खुद अनुष्का शर्मा ही थीं।
– उन्होंने ‘फिल्लौरी'(2016) और ‘परी’ (2017) को भी प्रोड्यूस किया था।

017 में की अनुष्का ने शादी