Shami refused to meet me: Hasin Jahan

New Delhi [India], Mar. 27 (ANI): Mohammed Shami’s estranged wife Hasin Jahan, who was in Delhi to meet the Indian pacer, on Tuesday alleged that Shami not only refused to see her but also threatened her.

Jahan was in Delhi to see Shami after the fast bowler met with a road accident and suffered injuries.

“I had come to see Shami as he was injured, but he refused to meet me. He threatened me and said ‘I will see you in court now’,” Jahan told reporters here.

Jahan and Shami are currently fighting a legal battle after the former accused the latter of having extra-marital affairs.

“Yes he met and played with our daughter, but he did not acknowledge me, his mother was acting like a bodyguard,” Jahan added.

Shami has been booked under various bailable and non-bailable offences, including an attempt to murder, after Jahan’s complaint. (ANI)

BJP defends its IT head over K’taka poll dates row

Union Minister of Minority Affairs Mukhtar Abbas Naqvion Tuesday defended Bharatiya Janata Party (BJP) IT Cell head Amit Malviya for his tweet on Karnataka assembly election dates.

Naqvi said Malviya had no intention to undermine the stature of the Election Commission (EC).

Talking to media, Naqvi said, “Amit Malviya’s tweet was based on a TV channel’s source. He had no intention to undermine the stature of the EC. A Karnataka Congress leader had also tweeted the same thing. We agree that he (Malviya) should not have tweeted it.”

A delegation led by Naqvi met the EC officials in connection with the case.

Ahead of the announcement of polling and counting dates for Karnataka, Malviya took to Twitter to announce that the polling date would be May 12 and counting would be on May 18.

However, following social media uproar on his knowledge of the dates prior to the official announcement, Malviya deleted the tweet.

On a related note, a delegation led by Naqvi is slated to meet EC officials in connection with Malviya’s tweet on the election dates.

The 224-member Karnataka Assembly will go to polls on May 12, and counting of votes will be held on May 15, as announced by Chief Election Commissioner O P Rawat in a press conference held earlier today. (ANI)

बड़े से बड़ा पुलिस ऑफिसर भी तुरंत सुनेगा आपकी बात, बस जान लें ये 7 बातें

> फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) एक रिटन स्टेटमेंट होता है। कॉग्निजेबल ऑफेंस होने पर पुलिस एफआईआर लिखने के बाद इन्वेस्टिगेशन शुरू करती है। कॉग्निजेबल ऑफेंस वह होता है, जिसमें पुलिस बिना वारंट के संबंधित व्यक्ति को अरेस्ट कर सकती है। ऐसे में पुलिस को कोर्ट से भी किसी तरह की परमीशन नहीं लेना होती।

> वहीं नॉन कॉग्निजेबल ऑफेंस होने पर एफआईआर लिखने से पहले पुलिस को मजिस्ट्रेट की परमीशन लेना होती है। बिना वारंट के पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकती।

शिकायतकर्ता को होता है कॉपी लेने का अधिकार,

> ऐसा जरूरी नहीं है कि सिर्फ पीड़ित व्यक्ति ही एफआईआर लिखवाए। कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसे घटना की जानकारी है वे एफआईआर दर्ज करवा सकता

है। यदि किसी पुलिस अधिकारी को किसी घटना की जानकारी है तो वह खुद भी एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। वहीं एफआईआर लिखने में देरी नहीं की जा सकती। उचित कारण होने पर ही एफआईआर लिखने में देरी हो सकती है।

> शिकायतकर्ता को एफआईआर की एक कॉपी लेने का अधिकार होता है। पुलिस इसके लिए मना नहीं कर सकती। इसके एवज में किसी तरह का शुल्क भी शिकायतकर्ता से नहीं लिया जा सकता।

> वहीं एफआईआर लिखने के बाद यह पुलिस ऑफिसर की ड्यूटी होती है कि एफआईआर में जो लिखा गया है, वो शिकायतकर्ता को पढ़कर सुनाया जाए। शिकायतकर्ता इससे सहमत हुआ तो वो इस पर हस्ताक्षर कर सकता है। पुलिस अधिकारी एफआईआर में खुद कुछ टिप्पणी नहीं कर सकते। वे किसी पॉइंट को हाइलाइट भी नहीं कर सकते।

> यदि कोई भी पुलिस अधिकारी एफआईआर लिखने से मना करता है तो शिकायतकर्ता क्षेत्र के सीनियर ऑफिसर को इसकी शिकायत कर सकता है। वहां से भी समस्या का समाधान न हो तो मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकती है।

मजिस्ट्रेट पुलिस को एफआईआर लिखने के लिए आदेश दे सकते हैं।

> एफआईआर में घटना की पूरी जानकारी लिखवाना होती है, जैसे अपराध कब हुआ, कहां हुआ, समय क्या था, किसने किया, किसने देखा, क्या नुकसान हुआ आदि। एफआईआर दर्ज होने के शुरुआती एक हफ्ते में प्रारंभिक जांच पुलिस को पूरी करना जरूरी होता है।

सऊदी की गरीबी दिखातीं PHOTOS, अमीर शेखों के देश में भी ऐसे जी रहे लोग

इंटरनेशनल डेस्क.अमीर शेखों के देश सऊदी अरब की आमतौर पर एक ही तस्वीर सामने आती है। जबकि यहां एक तबका ऐसा भी है, जो जबरदस्त गरीबी में जी रहा है। फ्रेंच फोटोग्राफर एरिक लफ्फार्ज ने यहां के दोनों तबके के लोगों की डेली लाइफ कैमरे में कैद की। उन्होंने यहां के शहरी और अमीरों के इलाकों से ज्यादा गांवों और गरीब तबकों वाले इलाकों का दौरा दिया। यहां एक तरफ अमीरी की चकाचौंध है तो दूसरी तरफ जबरदस्त गरीबी दिखती है। उन्होंने हर फोटो के पीछे की कहानी बयां की थी और अपने अनुभव शेयर किए। हर जगह दिखेंगे पुलिस एस्कॉर्ट से घिरे…

– एरिक ने बताया कि यहां टूरिस्ट वीजा के लिए लोकल ट्रैवल एजेंसी या कंपनी से स्पॉन्सरशिप लेने की जरूरत होती है।
– मक्का में तीर्थयात्रियों की जबरदस्त भीड़ आने के चलते एजेंसी गैर मुस्लिमों की मदद में ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं दिखाती हैं।
– लिहाजा, एरिक को भी वीजा के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा और 2012 में वो 15 दिन के टूर पर सऊदी पहुंचे।
– यहां के नियम-कायदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि 30 साल से कम उम्र की महिला यहां बिना हसबैंड या भाई के घर से बाहर नहीं निकल सकती है।
– इसके साथ ही एल्कोहल, पोर्नोग्राफी, गैम्बलिंग और पोर्क को लेकर यहां सख्त तौर पर मनाही है। महिलाओं के लिए अबाया पहनना कम्पलसरी है।
– एरिक ने बताया कि यहां हर जगह आपका वेलकम होगा, लेकिन आप हर जगह खुद को पुलिस एस्कॉर्ट से घिरा भी पाएंगे।

पहला अनुभव रहा ऐसा
– एरिक ने बताया कि इस देश में दाखिल होने के वक्त प्लेन में पहला अनुभव ही बहुत दिलचस्प रहा।
– लैंडिंग से पहले लुफ्थांसा एयरलाइन्स के मेरे प्लेन में एल्कोहल की सारी बोतलें एक बॉक्स में भर दी गई थीं।
– साथ ही, सभी पैसेंजर्स को हिदायत दी गई कि अगर किसी पास इजरायली करंसी हो तो उसे छिपाकर रखें।
– एरिक ने कहा, “देश के अंदर पहला अनुभव अच्छा नहीं रहा, क्योंकि इंडोनेशियन वर्कर के साथ लाइन में खड़े होकर यहां एंट्री करनी पड़ी।”

गाजा जैसा दिखता है आधा सऊदी
– एरिक का यहां घूमने के बाद पहला इम्प्रेशन यही था कि देश के कई इलाकों में अब भी काफी गरीबी है।
– उन्होंने कहा कि देश करीब से देखने के बाद उतना अमीर नहीं लगता है, जिसकी हम कल्पना करते हैं।
– एरिक ने कहा, ”मैं यहां के रिच और बिलेनियर्स के इलाकों से ज्यादा ऐसे पिछड़े इलाकों में गया जो गाजा जैसे दिखते हैं। मैंने कुछ रिमोट विलेज का भी दौरा किया।
– उनके मुताबिक, कल्चर के मामले में सऊदी के लोग बहुत अलग हैं। यहां ह्यूमन राइट्स और जस्टिस में बहुत बड़ा गैप है।
– गाइड ने उन्हें यहां रियाद का वो स्क्वेयर भी दिखाया, जहां पब्लिक के बीच में मर्डर के दोषियों का सिर कलम किया जाता है।
– एरिक ने जब गाइड को बताया कि उनके देश में इस तरह मौत देने पर 1881 में ही पाबंदी लग गई थी, तो उसे विश्वास नहीं हो रहा था।

मेहमानवाजी की तारीफ की
– एरिक ने यहां की मेहमानवाजी की तारीफ की और कहा कि इस सफर में मैं सिर्फ पुरुषों से मिला। कभी महिलाओं से मुलाकात नहीं हुई।
– एरिक के मुताबिक, सऊदी में लोग काम नहीं करते। उनकी जिंदगी सरकार से मिली रकम पर चलती है। ऐसे वो खाली रहते हैं और हमेशा आपको गाइड करने और आपके खाने का इंतजाम करने के लिए तैयार रहते हैं।

300 लोगों की लिस्ट में चमकी यह एक बॉलीवुड एक्ट्रेस, फोर्ब्स ने जारी की लिस्ट

मुंबई.बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने ’30 अंडर 30 एशिया’ की लिस्ट जारी की है। खास बात यह है कि इस लिस्ट में बॉलीवुड से सिर्फ एक एक्ट्रेस ही अपनी जगह बना पाई है। ‘रब ने बना दी जोड़ी’ (2008), ‘पीके’ (2014), ‘एन एच 10’ (2015) और ‘सुल्तान’ (2016) जैसी फिल्मों की एक्ट्रेस रहीं 29 साल की अनुष्का शर्मा ने फोर्ब्स की इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। 24 देशों के चेहरों को किया शामिल…

– फोर्ब्स ने अपनी इस लिस्ट में एशिया पैसिफिक के 24 देशों के कई पॉपुलर चेहरों को जगह दी।
– करीब 300 लोगों को इस लिस्ट में शामिल किया गया,जिन्हें आर्ट, एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट और बिजनेस सहित 10 अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया। इन सभी का चयन अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया।
– लिस्ट में इंडियन बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू का नाम भी शामिल है।

ऐसा रहा अनुष्का का करियर

2007 में अनुष्का शर्मा ने बतौर मॉडल करियर की शुरुआत की थी। इसके करीब एक साल बाद 2008 में यशराज प्रोडक्शन की फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा।
– कई सुपरहिट फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस क्लीनस्लेट फ्लिम्स खोला और 2015 में इसके बैनर तले पहली फिल्म ‘एनएच 10’ बनाई, जिसकी एक्ट्रेस भी खुद अनुष्का शर्मा ही थीं।
– उन्होंने ‘फिल्लौरी'(2016) और ‘परी’ (2017) को भी प्रोड्यूस किया था।

017 में की अनुष्का ने शादी

यूपी राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने एसपी-बीएसपी गठबंधन को दी मात, 10 में से 9 सीटें जीतीं; एक एसपी के खाते में

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से 9 पर बीजेपी ने जीत हासिल की। एक सीट सपा के खाते में गई है। 10वीं सीट के लिए बीएसपी के बीआर अांबेडकर और अनिल अग्रवाल के बीच मुकाबला था, जीत बीजेपी को मिली। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9 सीटें जीतने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी का अवसरवादी चेहरा लोगों ने देखा। आज से नहीं प्रदेश की जनता ने काफी पहले से देखा है। मैं सभी सहयोगियों, विधायकों को बधाई देता हूं। समाजवादी पार्टी दूसरों से ले सकती है दे नहीं सकती है।”

बीजेपी अरुण जेटली (वित्त मंत्री), डॉ. अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, डॉ. अनिल जैन, अनिल अग्रवाल जीवीएल नरसिम्हा राव, हरनाथ सिंह यादव।
एसपी जया बच्चन

1) 10वीं सीट पर जीत के लिए मशक्कत क्यों?

– 400 विधायकों ने वोट डाले, यानी राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी पार्टी के पास 37 विधायक जरूरी थे।

– भाजपा गठबंधन के पास 324 सीटें हैं। एक विधायक लोकेन्द्र सिंह का 21 फरवरी को सड़क हादसे में निधन हो गया। वे नूरपुर विधानसभा सीट से चुने गए थे। इस तरह बीजेपी के पास 323 सीटें बचती हैं। 8 सदस्यों को राज्यसभा पहुंचाने के बाद 27 विधायक बचते हैं। ऐसे में एक और सदस्य को अपर हाउस भेजने के लिए 10 विधायकों का समर्थन चाहिए था।

2) बीएसपी की मुश्किल कैसे बढ़ी?

– बसपा के मुख्तार अंसारी और सपा के हरिओम यादव जेल में हैं। हाईकोर्ट ने उनके राज्यसभा चुनाव में वोट डालने पर बैन लगा दिया। बसपा विधायक अनिल सिंह ने भी भाजपा के फेवर में वोटिंग कर दी।

– इसके बाद आंबेडकर को राज्यसभा भेजने के लिए बीएसपी के पास 17, सपा के 8, कांग्रेस के 7, राष्ट्रीय लोकदल के 1 वोट के सहारे थी। इस तरह टोटल 33 विधायक हो रहे हैं। जीत के लिए चार और विधायकों की जरूरत थी।

3) जरूरी वोट नहीं होने के बावजूद समीकरण भाजपा के फेवर में क्यों?
– किसी उम्मीदवार को 37 वोट नहीं मिले, इसके बाद दूसरी वरीयता (सेकंड प्रेफरेंस) के आधार पर जीत का फैसला हुआ। इसमें 10वीं सीट पर बीजेपी का कैंडिडेट जीत गया। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान हर विधायक तय कर सकता है कि वो पहली, दूसरी, तीसरी वरीयता में किसे मत देगा।

– दूसरी वरीयता वाले वोटों की गिनती होती है तो इसमें सभी 400 विधायकों के प्रिफरेंस को देखा गया। भाजपा के पास 323 विधायक होने के कारण 10वीं सीट पर उसके उम्मीदवार के जीतने की संभावनाएं ज्यादा थीं, जो सही साबित हुईं।

4) क्या है राज्यसभा का गणित?

– राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला है= (खाली सीटें + एक) कुल योग से विधानसभा की सदस्य संख्या से भाग देना। इसका जो जवाब आए उसमें भी एक जोड़ने पर जो संख्या होती है। उतने ही वोट एक सदस्य को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए चाहिए।
यूपी में विधायक 403 हैं। दो विधायक वोट नहीं करेंगे। एक विधायक का निधन हो गया।

ऐसे में संख्या 400 हो जाती है।

यूपी में एक राज्यसभा सीट के लिए जरूरी वोट इस तरह तय हुए

10 (खाली सीट)+1= 11

400/11= 36.45

36.45 +1= 37.45

5) यूपी में किसके पास कितनी ताकत?
– उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं। एक सीट बीजेपी विधायक का निधन होने की वजह से खाली है।

पार्टी सीट
1 बीजेपी 311
2 अपना दल 9
3 भारतीय समाज पार्टी 4
बीजेपी अलायंस 324
4 समाजवादी पार्टी 47
5 बहुजन समाज पार्टी 19
6 कांग्रेस 7
7 राष्ट्रीय लोक दल 1
8 निषाद पार्टी 1
9 निर्दलीय 03

Facebook अकाउंट नहीं है सिक्योर, तो इन 11 सेटिंग्स को तुरंत करें अप्लाई

फेसबुक CEO मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक यूजर्स के डाटा सीक्रेसी को लेकर कंपनी से गलती हुई है।

यूटिलिटी डेस्क। क्या आपका फेसबुक अकाउंट सेफ है? ये सवाल इसलिए बड़ा हो गया है, क्योंकि फेसबुक CEO मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक यूजर्स के डाटा सीक्रेसी को लेकर कंपनी से गलती हुई है। ऐसे में अब कंपनी यूजर्स के पर्सनल डाटा का गलत यूज रोकने के लिए प्लानिंग कर रही है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें फेसबुक से महिला यूजर्स के फोटो चुराकर उनका गलत इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में हम फेसबुक अकाउंट को सेफ करने के कुछ टिप्स बता रहे हैं।

1. फोटो सेफ्टी टिप

फेसबुक में प्राइवेसी सेटिंग्स का ऑप्शन होता है। इसके लिए सबसे पहले फेसबुक पेज पर ऊपर से राइट साइड में दिए गए आइकॉन पर क्लिक करें। इसके बाद ‘See More Settings’ पर क्लिक करें।

अब आपको ‘Privacy Settings and Tools’ ऑप्शन दिखाई देगा। इसमें सेटिंग्स को बदलकर आप अपनी प्रोफाइल को अनचाहे लोगों से छुपा सकते हैं। इसके लिए आपको ‘Who can see my future posts?’ पर क्लिक करना है। इसके बाद ‘Only Me’ पर क्लिक करें।

2. फॉलोअर्स की सेटिंग

इस सेटिंग्स के बाद आपके पोस्ट कोई अन्य यूजर्स नहीं देख पाएंगे। फेसबुक आपके फ्रेंड्स के साथ फॉलोअर्स को भी आपके पोस्ट देखने की अनुमति देता है। अगर अपने पोस्ट सिर्फ फ्रेंड्स को ही दिखाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले सेटिंग्स में जाकर Followers ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद ‘Who can follow me’ ऑप्शन पर जाकर ‘Everybody’ से ‘Friends’ पर क्लिक करें।

3. कहीं से भी करें लॉगआउट

कई बार हम अपना फेसबुक अकाउंट लॉगआउट करना भूल जाते हैं। ऐसे में इससे कोई भी छेड़छाड़ कर सकता है। हालांकि, इसे कहीं से भी लॉगआउट किया जा सकता है। यूजर फेसबुक अकाउंट ओपन करने के लिए जब भी लॉगइन करता है, उसका रिकॉर्ड सेव हो जाता है। यानी उसने कब, कहां और किस सिस्टम पर लॉगइन किया। अगर किसी सिस्टम पर वो लॉगआउट करना भूल गया है, तो उसे किसी भी सिस्टम से किया जा सकता है। फेसबुक के सिक्युरिटी ऑप्शन में यूजर्स के लिए ये सुविधा होती है। इसके लिए ये स्टेप फॉलो करें।

Settings > Security Settings > Where You’re Logged In

यहां पर आपके लॉगइन से जुड़ी जानकारी में शहर का नाम और डिवाइस टाइप होता है। इसके सामने End activity का ऑप्शन होता है, जिस पर क्लिक करते ही पुरानी डिवाइस से यूजर का अकाउंट लॉगआउट हो जाता है।

4. लॉगइन अलर्ट को ON करें

इसका फायदा ये है कि कोई पर्सन आपके अकाउंट को गलत तरीके से ओपन करने की कोशिश करता है या गलत पासवर्ड डालता है तो उसका अलर्ट आपको ई-मेल ID पर मिल जाता है। फेसबुक के लॉगइन अलर्ट फीचर को ON करने के लिए ये स्टेप फॉलो करें।

Settings >> Security Settings >> Login Alerts

यहां पर यूजर को Notifications और Email address के अलर्ट ऑप्शन को ON करके सेव चेंज करना है।

5. सिक्युरिटी कोड एक्टिव करें

इस फीचर की मदद से आपको अकाउंट से जुड़ी जानकारी मिलती है। फेसबुक का ये फीचर स्मार्टफोन यूजर्स के लिए है। ऐसे यूजर्स जो फेसबुक ऐप का इस्तेमाल करते हैं, वे सिक्युरिटी के लिए कोड एक्टिव कर सकते हैं। इस कोड को ब्राउजर और ऐप दोनों की मदद से अप्लाई किया जाता है। कोड जनरेट करने के लिए इन स्टेप को फॉलो करें।

Settings >> Security Settings >> Code Generator

यहां पर कोड अनेबल का ऑप्शन आएगा। इस पर जैसे ही क्लिक करेंगे, एक बॉक्स आएगा जिसमें सिक्युरिटी नंबर डालना होता है। यूजर को सिक्युरिटी नंबर फेसबुक ऐप से मिलता है। ऐप के Menu में Code Generator का ऑप्शन होता है, जहां से ये नंबर मिलता है। इसे 30 सेकंड के अंदर बॉक्स में सबमिट करना होता है। हर 30 सेकंड में नया कोड जनरेट होता है। इसका फायदा यह होगा कि यदि कोई आपके अकाउंट में बदलाव करता है तो उसके लिए आपके मोबाइल अकाउंट की भी जरूरत पड़ेगी।

6. https सिक्युरिटी चेक करें

फेसबुक की सिक्युरिटी को ध्यान में रखते हुए हमेशा ऐसे ब्राउजर का इस्तेमाल करना चाहिए जिसके एड्रेस बार पर https:// हो। यह हाईपरटैक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल होता है। इसके आगे एक लॉक का साइन होता है, जिससे यूजर के अकाउंट को पूरी सिक्युरिटी मिलती है। आपको ऐसे ब्राउजर पर काम नहीं करना चाहिए जिस पर लॉक नहीं दिख रहा हो। साथ ही यूजर को अपना पुराना वेब ब्राउजर लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। यह बात केवल फेसबुक ही नहीं, किसी भी वेबसाइट को ओपन करते समय ध्यान रखनी चाहिए।

7. फ्रेंड रिक्वेस्ट

कई बार हमें ऐसे यूजर्स की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलती है, जिन्हें हम नहीं जानते। साथ ही कई यूजर्स बार-बार रिक्वेस्ट सेंड करते हैं। ये ऐसे यूजर्स हो सकते हैं जिनका मकसद आपके अकाउंट को हैक करना हो सकता है। ऐसे यूजर्स की रिक्वेस्ट को रोका जा सकता है।

इसके लिए सबसे पहले Privacy सेटिंग पर जाएं। इसके बाद Who can contact me? ऑप्शन में आपको ‘Who can send you friend requests’ सेटिंग मिलेगी। इस पर क्लिक करने के बाद आपको ‘Everyone’ to ‘Friends of Friends’ में से अपने मनपसंद ऑप्शन पर क्लिक करना है।

8. मैसेज फिल्टर

अगर आपके इनबॉक्स में रोजाना कई सारे अनवॉन्टेड मैसेज आ रहे हैं, जिससे आपको परेशानी हो रही है, तो ‘Whose messages do I want filtered into my inbox’ पर क्लिक करें। इसमें आपको ‘Basic’ और ‘Strict’ ये दो ऑप्शन मिलेंगे। यह आपको तय करना है कि आप यहां किस तरह की सेटिंग करना चाहते हैं। इन्हें फिल्टर करना भी इसलिए जरूरी है क्योंकि इनसे भी आपकी प्राइवेट इन्फॉर्मेशन लीक हो सकती है।

9. हाइड FB ई-मेल ऐड्रेस

फेसबुक से आपके ई-मेल ऐड्रेस को चुराकर उस पर कई तरह के मैसेज और दूसरे मेल आते हैं। हालांकि, इसे छुपाने का भी ऑप्शन होता है। इसके लिए आपको ‘Who can look you up using the email address you provided?’ पर क्लिक करें। इसके लिए बाद ‘Everyone’ या ‘Friends’ पर क्लिक करें।

10. फोन नंबर

यदि आपने फेसबुक पर फोन नंबर दिया है, तो इसे भी यहां से चुराया जा सकता है। ऐसे में इसे हमेशा दूसरों से छुपाकर रखें। इसे हाइड रखने के लिए ‘Who can look you up using the phone number you provided?’ पर जाकर इसे ‘Everyone’ से हटाकर ‘Friends’ पर क्लिक करें।

11. टाइमलाइन और टैगिंग

कई बार कुछ गलत पोस्ट आपके अकाउंट के साथ शेयर कर दी जाती हैं। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि कोई आपको टैग नहीं कर सके। इससे बचने के लिए आपको ‘Timeline and Tagging Settings’ में जाना होगा।

इन पर केवल ‘Only Me’ करें :

– ‘Who can post on your timeline’
– ‘Who can see posts you’re tagged in on your timeline’
– ‘Who can see what others post to your timeline’
– ‘When you’re tagged in a post, who do you want to add to the audience if they can already see it’

मुकेश अंबानी की जितनी जिंदगीभर की है कमाई, उतने जुकरबर्ग ने 2 दिन में गंवाए

मुंबई। डाटा लीक के मामले में दुनियाभर में फेसबुक की निंदा हो रही है। कंपनी CEO मार्क जुकरबर्ग ने इस संबंध में यूजर्स से माफी भी मांगी है। दूसरी तरफ यह मामला बाहर आने के पहले ही दो दिनों में फेसबुक का मार्केट केप में करीब 3,80,000 करोड़ रुपए (50 बिलियन डॉलर) का घाटा हुआ है।

# मुकेश अंबानी की है इतनी नेटवर्थ

विवाद के पहले इस सप्ताह की शुरुआत में फेसबुक की मार्केट वेल्यू 34,93,295 करोड़ रुपए थी। इसके बाद 2 ही दिनों में यह घटकर 31,13,565 करोड़ रुपए हो गई। इस तरह से फेसबुक की वेल्यू में 3,80,000 करोड़ की कमी आई। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यह राशि भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के नेटवर्थ 2,53,000 (38.9 बिलियन डॉलर) से भी डेढ़ गुना यानी 50 प्रतिशत ज्यादा है।

# हर मिनट पर 135 करोड़ का नुकसान

विवाद सामने आने के 48 घंटे में फेसबुक ने 3,80,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस तरह से दो दिनों के 48 घंटे में फेसबुक ने हर घंटे 8125 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। यदि इसे मिनट में देखें, तो यह राशि 135 करोड़ रुपए प्रति मिनट होती है। वहीं, इसे सेकंड में देखें तो ये 2.26 करोड़ रुपए है

  • # मार्क जुकरबर्ग को 52 हजार करोड़ का नुकसान

    फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की साख भी दांव पर लगी हुई है। ब्लूमबर्ग बिलियोनर इंटेक्स के अनुसार जुकरबर्ग की नेटवर्थ 4.90 लाख करोड़ में से 52 हजार करोड़ रुपए से घटकर 4.38 लाख करोड़ रह गई है।

     फेसबुक के शेयर में गिरावट

    फेसबुक के शेयर्स में भी भारी कमी देखी गई है। पिछले शुक्रवार 16 मार्च को बंद बाजार में जिस शेयर के भाव 185 डॉलर थे, वहीं मंगलवार 20 मार्च की शाम को घटकर 166.57 डॉलर तक पहुंच गए थे।

     

‘इराक में रहना ख़तरनाक है पर यहां भी तो ग़रीबी जान ले रही थी’

“इराक़ में रहना ख़तरनाक है लेकिन घर पर भी तो ग़रीबी परिवार की जान ही ले रही थी”, इराक़ के मूसल में मारे गए दविंदर सिंह की पत्नी मंजीत कौर के इन शब्दों में उनकी बेबसी साफ झलक रही थी.

52 साल के दविंदर उन 39 भारतीयों में शामिल थे, जिनकी हत्या कथित चरमपंथी संगठन आईएसने इराक के मूसल में कर दी थी.

यादों को आंसुओं में समेटे मंजीत आगे कहती हैं, ” जिस दिन वो जा रहे थे, उस दिन उनकी बहन ने बहुत समझाया कि इराक़ में युद्ध चल रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि चिंता मत करो, कुछ नहीं होगा मुझे.”

इतना कहते ही वो आंखें बंद कर लेती हैं. पलकों से ठोकर खाकर पुरानी यादें समेटे उनके आंसू जमीन पर गिरते हैं और लगता कि उनके तमाम सपने बिखर गए हैं.

मंजीत कौर ने बताया, “वो हमेशा कहते थे कि जहां धमाके और संघर्ष हो रहा है, वो जगह उनसे काफी दूर है और उनके आसपास माहौल ठीक है. जून 2014 में जब उनसे अंतिम बार बात हुई थी तब उनका अपहरण हो चुका था पर उन्होंने हमलोगों को जानकारी नहीं दी. वो हमें परेशान नहीं करना चाहते थे. लेकिन अब वो कुछ नहीं कर सकते हैं.”

दविंदर अपने पैतृक गांव रुड़का कलां में मजदूरी करते थे. वो 200 से 250 रुपए तक एक दिन में कमाते थे लेकिन उन्हें रोज काम नहीं मिलता था.

मंजीत कौर के तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो जुड़वा हैं. पेट पालने के लिए मंजीत गांव के एक स्कूल में सिलाई सिखाती हैं. इस काम से वो हर महीने ढाई हज़ार रुपए कमाती हैं.

एक कमरे के जर्जर मकान में रहने वाली मंजीत याद करती हैं, “उन्होंने कहा था कि वो तीन-चार साल के लिए इराक़ जा रहे हैं और वहां से आने के बाद उनका अपना घर होगा.”

“वो इराक जा सकें इसके लिए हमलोगों ने एजेंट को देने के लिए डेढ़ लाख रुपए का कर्ज लिया था. एजेंट ने दावा किया था कि वो इलाका अमरीकी सैनिकों के नियंत्रण में हैं और वहां स्थिति बुरी नहीं है.”

दविंदर 2011 में इराक़ गए थे. उस समय उनका बड़ा बेटा छह साल का था और जुड़वा बच्चे महज आठ महीने के थे.

मंजीत कहती हैं, “अपहरण होने से पहले तक वो हर महीने अपनी कमाई के 25 हजार रुपये में से ज्यादातर भेज देते थे.”

पिछले चार सालों से मंजीत की अपने पति से किसी तरह की बात नहीं हुई पर उनकी आंखों में उनके आने की उम्मीदें बरकार थीं. “जब भी मैं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलती थी तो वो हमें उम्मीद नहीं खोने को कहती थीं.”

कुछ महीने पहले सरकार ने उनका डीएनए सैंपल लिया था. वो कहती हैं, “डीएनए लेते वक्त हमलोगों को कुछ नहीं बताया गया था कि वो इसे क्यों ले रहे हैं, पर गांव वाले यह अनुमान लगा रहे थे कि शायद दविंदर वहां बीमार हैं, इसलिए ऐसा किया जा रहा है.”

बच्चे की चाहत

मंगलवार को गांव की कुछ महिलाओं ने जब उन्हें सरकार की ओर से दी गई जानकारी के बारे में बताया तो वो भागती हुई अपने मायके पहुंच गईं. “मैं मौत की बात जानकर हैरान थी. मैं अपने मायके चली आई.”

वो अपने जुड़वा बच्चों में से एक की तरफ देखते हुए कहती हैं, “ये अपने पिता के आने की बात पूछता रहता था और हमलोग हमेशा ये कहते थे कि वो विदेश में रहते हैं. जब वो लौटेंगे तो उनके लिए साइकिल लेकर आएंगे. लेकिन अब वो कभी नहीं आएंगे.”

मूसल में मारे गए 39 लोगों में से 31 पंजाब से थे. बेहतर अवसरों की तलाश में पंजाबियों के विदेश जाने की चाहत जगजाहिर है. राज्य में गरीबी और नौकरियों की कमी के चलते वो युद्ध क्षेत्र में भी जाने से नहीं कतराते हैं.

जाने वालों की मजबूरियां

32 साल के संदीप कुमार का नाम भी उन 39 मृतकों की सूची में शामिल हैं. मल्सियान के नजदीक एक गांव में रहने वाले संदीप भी दिहाड़ी मजदूर थे.

अपनी चार बहनों की परवरिश के लिए वो 2012 में इराक़ गए थे. संदीप के भाई कुलदीप कुमार कहते हैं, “परिवार हर महीने पैसे का इंतजार करता था.”

संदीप के परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके घर के दरवाजे में किवाड़ तक नहीं हैं.

धूरी के प्रीतपाल शर्मा भी मारे गए 39 लोगों में से एक थे. उनकी पत्नी राज रानी कहती हैं, “वो वहां 2011 में गए थे क्योंकि यहां करने को कुछ नहीं था. हमलोगों को बताया गया था कि इराक़ में बहुत पैसा है लेकिन उन्हें वहां भी कमाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी.”

सेक्स वीडियो पर महिला की खुदकुशी

इटली में एक महिला के सेक्स वीडियो पर खुदकुशी करने के मामले में चार लोगों से पूछताछ की जा रही है.

मंगलवार को 31 साल की तिज़याना कैनटोन ने नेपल्स के नज़दीक म्यूनानो में आत्महत्या कर ली थी.

इस महिला ने महीनों तक अपने सेक्स वीडियो को इंटरनेट से हटाने के लिए लड़ाई लड़ी थी.

ये सेक्स वीडियो उसने अपने पुराने पुरूष मित्र और तीन अन्य लोगों को भेजा था, जिन्होंने इसे ऑनलाइन कर दिया.

उनका वीडियो में कहा शब्द “तुम फ़िल्म बना रहे हो ? ब्रावो”, एक ऑनलाइऩ मज़ाक बन गया.

इसे 10 लाख से अधिक लोगों ने देखा और वह हंसी का पात्र तो बनीं ही, उन पर गालियों की बौछार भी होने लगी.

इस मामले में चार लोगों से महिला की मानहानि करने पर पूछताछ की जा रही है.

सेक्स वीडियो के वायरल होने के बाद तिज़याना ने नौकरी छोड़ दी और जगह बदल दी. यहाँ तक कि वह अपना नाम बदलने की प्रक्रिया में थी ,लेकिन ये कहानी उनका पीछा नहीं छोड़ रही थी.

अदालती मामले में तिज़याना ने ” राइट टू बी फॉरगोटन (भुला दिए जाने का अधिकार)” के तहत ये केस जीता और अदालत ने फेसबुक सहित वीडियो को कई साइट्स और सर्च इंजनों से हटाने का आदेश दिया.

उन्हें मुकदमे की फीस के बीस हजार यूरो अदा करने को भी कहा गया, जिसे स्थानीय मीडिया में ” आखिरी अपमान” कहा गया है.

इटली के प्रधानमंत्री मैटियो रेंजी ने कहा,” एक सरकार के तौर पर हम अधिक नहीं कर सकते हैं. ” यह विशेषतः एक सांस्कृतिक लड़ाई है- एक सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई भी. हमारी प्रतिबद्धता जो भी हम कर सकते हैं वह करने के प्रयास की है… महिलाओं के खिलाफ़ हिंसा ख़त्म न होने वाली घटना नहीं है.”

उनकी शवयात्रा का सीधा प्रसारण किया गया था.

रोहिंग्या संकट: मुझे नहीं पता था कि मेरे साथ रेप करेंगे

बांग्लादेश के रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों से वेश्यावृत्ति के लिए किशोरावस्था में लड़कियों की तस्करी की गई.

इन कैंपों से विदेशियों को आसानी से सेक्स मुहैया कराया जा रहा है. ये लड़कियां म्यांमार में जारी संघर्ष से जान बचाकर अपने परिवार के साथ बांग्लादेश भागकर आई हैं.

अनवरा की उम्र 14 साल हो रही है. म्यांमार में अपने परिवार के मारे जाने के बाद वो बांग्लादेश आ गई थी. वो मदद के लिए बांग्लादेश की सड़क पर भटक रही थी. अनवरा ने कहा, ”एक वैन से महिलाएं आईं. उन्होंने मुझसे साथ आने के लिए कहा.”

मदद स्वीकार लेने के बाद उसे कार में गठरी की तरह डाला दिया गया. अनवरा से सुरक्षित और नई ज़िंदगी का वादा किया गया था. अनवरा को पास के शहर के बजाय कॉक्स बाज़ार ले जाया गया.”

अनवरा ने कहा, ”कुछ ही समय में मेरे पास दो लड़कों को लाया गया. उन्होंने मुझे चाक़ू दिखाकर मेरे पेट पर घूंसा मारा. मेरी पिटाई की गई क्योंकि मैं उन्हें सहयोग नहीं कर रही था. इसके बाद दोनों लड़कों ने मेरे साथ रेप किया. मैं उनके साथ संबंध नहीं बनाना चाहती थी, लेकिन मेरे साथ रेप कभी थमा नहीं.”

यहां के आसपास के शरणार्थी कैंपों में वेश्यावृत्ति के लिए तस्करी के क़िस्से आम है. इसमें महिलाएं और बच्चियां मुख्य रूप से पीड़ित हैं. फाउंडेशन सेंटनल एनजीओ के साथ बीबीसी की टीम बाल शोषण के ख़िलाफ़ इन कैंपो में क़ानूनी मदद पहुंचा रही है.

बांग्लादेश की जांच एजेंसी भी पूरे मामले में शामिल नेटवर्क का पता करने की कोशिश कर रही है.

बच्चों और उनके माता-पिता का कहना है कि उन्होंने विदेशों में नौकरी और राजधानी ढाका में मेड और होटल में काम दिलाने की पेशकश की थी.

सेक्स इंडस्ट्री से इन कैंपों से लड़कियों के लाने के लिए बड़े ऑफर दिए जा रहे हैं. लोगों को मुश्किल घड़ी में अच्छी ज़िंदगी देने की बात कही जा रही है और इसी आधार पर वेश्यावृत्ति के लिए तस्करी हो रही है.

मासुदा की उम्र 14 साल हो रही है. अभी उन्हें एक स्थानीय धर्मशाला में मदद के लिए लाया गया है. उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें कैंप से तस्करों के पास पहुँचा दिया गया.

मासुदा ने कहा, ”मुझे नहीं पता था कि मेरे साथ क्या होने जा रहा है. एक महिला ने मुझे नौकरी देने का वादा किया. सभी को पता है कि वो लोगों को सेक्स के लिए लाती है. वो एक रोहिंग्या है और यहां लंबे समय से है. हमलोग उसे जानते हैं. लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था. यहां मेरे लिए कुछ भी नहीं था.”

मासुदा ने कहा, ”मैं अपने परिवार से बिछड़ गई हूं. मेरे पास कोई पैसा नहीं है. मेरे साथ म्यांमार में भी रेप हुआ था. मैं जंगल में अपने भाई और बहन के साथ खेलने जाती थी. अब मुझे नहीं पता है कि कैसे खेला जाता है.”

कई माता-पिता डरे हुए हैं कि वो अपने बच्चों को फिर कभी नहीं देख पाएंगे. वहीं कई लोगों को लगता है कि कैंप से बाहर की जिंदगी बेहतर होगी.

लेकिन इन बच्चों कौन ले जाता है और कहां ले जाता है? हाल ही में बीबीसी की जांच टीम ने कैंपों में लड़कियों तक पहुंचने की कोशिश की. बीबीसी की टीम ने विदेशी बनकर इसे परखने की कोशिश की.

48 घंटों के भीतर यहां हर चीज़ की व्यवस्थ हो गई. पुलिस को बताकर बीबीसी की टीम ने दलालों से विदेशियों के लिए रोहिंग्या लड़कियों को लेकर बात की. इनमें से एक व्यक्ति ने कहा, ”हमलोग के पास कई जवान लड़कियां हैं, लेकिन आपको रोहिंग्या ही क्यों चाहिए? ये तो बिल्कुल गंदी होती हैं.” वेश्यावृत्ति के पेशे में रोहिंग्या लड़कियों को सबसे सुलभ और सस्ता माना जाता है.

एक नेटवर्क में काम करने वाले कई दलालों ने हमें लड़कियों की पेशकश की. बातचीत के दौरान हमने ज़ोर देकर कहा कि हम लड़कियों के साथ तुरंत रात बिताना चाहते हैं.

तुरंत 13 से 17 साल के बीच की लड़कियों की तस्वीरें हमारे सामने आना शुरू हो गईं. नेटवर्क का फैलाव और लड़कियों की संख्या हैरान करने वाली थी.

अगर हमें तस्वीरों में लड़कियां पसंद नहीं आतीं तो वे और तस्वीरें लेकर हाज़िर हो जाते. अधिकतर लड़कियां दलालों के साथ रहती हैं. जब वो किसी ग्राहक के साथ नहीं होती हैं तो वे खाना बना रही होती हैं या झाड़ू-पोंछा लगा रही होती हैं.

हमें बताया गया, ‘हम लड़कियों को लंबे समय तक नहीं रखते. ज़्यादातर बांग्लादेशी मर्द ही यहां आते हैं. कुछ वक्त के बाद ये लोग बोर हो जाते हैं. छोटी उम्र की लड़कियां काफ़ी हंगामा करती हैं इसलिए हम उनसे जल्द ही छुटकारा पा लेते हैं.’

रिकॉर्डिंग और निगरानी के बाद हमने अपने सबूत स्थानीय पुलिस को दिखाए. एक स्टिंग ऑपरेशन के लिए एक छोटी सी टीम बनाई गई.

पुलिस ने तुरंत दलाल को पहचान लिया, “हम उसे अच्छी तरह से जानते हैं.”

ये समझ नहीं आया कि पुलिस वाला क्या कहना चाहता था. शायद वो दलाल ख़बरी था या एक घोषित अपराधी.

स्टिंग की शुरुआत हमने दलाल से उन दो लड़कियों की मांग से की जिनकी तस्वीरें हमें पहले दिखाई गई थीं.

हमने कहा कि लड़कियां कॉक्स बाज़ार के एक मशहूर होटल में शाम आठ बजे पहुंचाई जाएं.

फ़ाउंडेशन सेंटिनेल संस्था के विदेशी सदस्य को अंडरकवर ग्राहक बनाकर, एक अनुवादक के साथ होटल के बाहर खड़ा कर दिया गया.

जैसे ही मिलने का वक्त क़रीब आया, दलाल और अंडरकवर ग्राहक के बीच फ़ोन पर कई बार बातचीत हुई.

दलाल चाहता था कि ग्राहक होटल से बाहर आए. हमने मना कर दिया. दलाल ने दो लड़कियों को एक ड्राइवर के साथ हमारे पास भेजा.

पैसे के लेन-देन के समय हमारे अंडरकवर ग्राहक ने पूछा, “अगर आज सबकुछ ठीक रहा तो क्या आगे भी इसे जारी रख सकते हैं?”

ड्राइवर ने हां में सिर हिलाया.

इसके बाद पुलिस एक्शन में आ गई. ड्राइवर को गिरफ़्तार किया गया. बच्चों के साथ काम करने वाले विशेषज्ञों और मानव-तस्करी के जानकारों की मदद से लड़कियों के रहने के लिए जगह खोजी गई.

एक लड़की ने वहां जाने से मना कर दिया. लेकिन दूसरी मान गई.

लड़कियां ग़रीबी और वेश्यावृत्ति के बीच फंसी हुई थीं. उनका कहना था कि वेश्यावृत्ति के बिना न तो वो अपना पेट भर पाएंगी और न ही अपने परिवार का.

महिलाओं और बच्चों को अंतरराष्ट्रीय सीमा के आर-पार ले जाने के लिए एक नेटवर्क की ज़रूरत होती है.

इसे इंटरनेट पूरा करता है. इंटरनेट के ज़रिए संगठित अपराध के अलग-अलग सदस्य एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं और सेक्स बेचने का धंधा भी होता है.

हमने रोहिंग्या बच्चों को बांग्लादेश के ढाका और चटगाँव, नेपाल के काठमांडू और भारत में कोलकाता ले जाए जाने की मिसालें देखीं.

कोलकाता की सेक्स इंडस्ट्री में उन्हें भारतीय पहचान पत्र दिए जाते हैं जिसकी वजह से उनकी असली पहचान ग़ायब हो जाती है.

ढाका में साइबर क्राइम यूनिट ने हमें बताया कि कैसे मानव तस्कर इंटरनेट के ज़रिए लड़कियों को बेचते हैं.

फ़ेसबुक पर बने ग्रुप सेक्स इंडस्ट्री को लुका-छिपे जारी रखने में मददगार साबित होते हैं.

हमें डार्क वेब के बारे में बताया गया जिसपर मौजूद इनक्रिप्टेड वेबसाइट्स इन गोरखधंधों को आसान बना देती हैं.

डार्क वेब पर एक यूज़र ने शरणार्थी संकट में फंसे रोहिंग्या बच्चों से फ़ायदा उठाने के तरीके बताए.

ये यूज़र आगे ये भी बताता है कि इन बच्चों को खोजने की बेहतर जगह कौन सी है.

इस बातचीत को अब सरकार ने इंटरनेट से हटा दिया है. लेकिन इससे हमें पता चलता है कि कैसे शरणार्थी संकट मानव तस्करों और बच्चों का यौन शोषण करने वालों का केंद्र बनते जा रहे हैं.

बांग्लादेश में ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों ही तरीकों से, मानव तस्करों का एक जाल फैलता जा रहा है.

रोहिंग्या संकट ने बांग्लादेश में सेक्स इंडस्ट्री शुरू नहीं की लेकिन इस संकट के बाद इसमें भारी इज़ाफ़ा हुआ है.

It will take longer than the age of the universe for fastest computer to decode Aadhaar data, UIDAI CEO tells SC

Aadhaar data is protected by a 2048-bit encryption and “once biometrics comes to us, it will never go away”, says Ajay Bhushan Pandey.

It will take “more than the age of the universe for the fastest computer on earth, or any supercomputer, to break one key of Aadhaar encryption,” according to CEO of Unique Identification Authority of India (UIDAI) Ajay Bhushan Pandey.

Mr. Pandey, who has been steering the Aadhaar project from its beginnings in 2010, was given the unique opportunity to conduct a presentation in a courtroom presided by a five-judge Constitution Bench led by Chief Justice of India Dipak Misra in the Supreme Court on Thursday.

In the hour-long presentation, which would continue on March 27, Mr. Pandey said the Aadhaar data was protected by a 2048-bit encryption and “once biometrics comes to us, it will never go away”.

Recounting his own life experience as a small town person who did not have a photo identity till he joined the Indian Administrative Service in the late 80s, Mr. Pandey said Aadhaar offered the answer to the ancient question, often asked by sages, i.e., “who am I?”

A “portable entitlement” against poverty

He said that for the first time Aadhaar offered the billion plus population of India a “robust, lifetime, nationally online, verifiable identity”. Through a massive exercise that would benefit mankind, India had “leap-frogged” to Aadhaar identity from proxy and local identification mechanisms like ration card. He termed Aadhaar a “portable entitlement” against poverty.

But Justice A.K. Sikri questioned Mr. Pandey’s narrative about the infallibility of Aadhaar, asking why then did the UIDAI blacklist 49,000 registered operators. The CEO replied that these operators were de-registered for corruption, carelessness and harassment of the public. “Some of them used to take money from the public, others would not enter the details properly. We have a zero-tolerance policy,” he said.

Justice Sikri persisted, “It sounds somehow strange that you blacklisted 49,000 of your operators for harassing people.”

Mr. Pandey said, “Initially we trusted these operators, but they ended up registering trees… Jamun trees.”

Mr. Pandey explained that biometric changes could be updated through a process called ‘Aadhaar update’.

Justice Sikri asked, “Aadhaar update can be done if a person knows there is such an option. You have covered a wide area of the country and brought tribal people and those living in the fringes under the Aadhaar regime. They are poor and illiterate. How will they know what to do.”

Justice Chandrachud said that eventually the onus was on the individual to get an Aadhaar update if she wanted to continue receiving her rightful entitlements. He went on to ask whether the UIDAI had any statistics on the number of Aadhaar authentication failures so far.

Other alternatives to biometric authentication

To this, Mr. Pandey referred to the provisions in the Aadhaar (Authentication) Regulations of 2016 to point out that there were other alternatives to biometric authentication like demographics and electronic One Time PIN (OTP).

He said the UIDAI cannot promise 100% authentication everytime. There may be connectivity or other technological issues across India, especially when the scheme covered over 1.2 billion people. “When biometric authentication does not work, we have instructed our officers to check the Aadhaar card and see that the case is genuine. A person should not be denied benefits because there is failure in authentication.”

Aadhaar, he said, was not the solution for a shopkeeper who refused a woman her ration under the PDS despite the successful authentication of her biometrics.

Justice Chandrachud said, “So you say that failure of service because of failure of authentication can be addressed. But failure of service despite authentication needs to be addressed separately.”

Additional Solicitor General Tushar Mehta answered the judge’s question, saying the conduct of the shopkeeper in question was the “failure of honesty”.

कभी कंगना के पैदा होने से नाखुश थे पेरेंट्स, देखें बचपन से अब तक के

मुंबई।एक्ट्रेस कंगना रनोट 31 साल की होने वाली हैं। 23 मार्च, 1987 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के पास स्थित सुरजपूर (भाबंला) में जन्मी कंगना अपने बोल्ड किरदार, बड़बोलेपन, एक्टिंग स्किल्स या फिर पर्सनल लाइफ के चलते हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। फिलहाल कंगना पर कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड मामले में आरोप लगे हैं। इसके मुताबिक, उन्होंने 2016 में रितिक रोशन का मोबाइल नंबर रिजवान सिद्दीकी से शेयर किया था। कंगना को अनवॉन्टेड चाइल्ड मानते थे पेरेंट्स…

कुछ साल पहले वुमन्स डे के मौके पर दिए इंटरव्यू में कंगना ने बताया था कि जब वे पैदा हुई थीं, तब उनके पेरेंट्स नाखुश थे। दरअसल, जब उनकी बड़ी बहन का जन्म हुआ था तो घरवाले बेहद खुश थे। लेकिन दूसरे बच्चे के तौर पर जब घर में लड़की हुई, तो परिवार वाले नाखुश हो गए। उस दौरान कंगना को अनवॉन्टेड चाइल्ड माना जाता था।
कंगना की फेवरेट हैं उनकी बड़ी बहन…
कंगना के पिता अमरदीप रनोट बिजनेसमैन है और मां आशा रनोट स्कूल में टीचर हैं। उनकी बड़ी बहन रंगोली, उनकी फेवरेट हैं। रंगोली, कंगना की मैनेजर है। एसिड अटैक जैसे दर्दनाक हादसे से गुजरने और नए सिरे से जिंदगी जीने वाली रंगोली की लाइफ पर कंगना बायोपिक बनाने की चाहत भी जाहिर कर चुकी हैं। उनका एक छोटा भाई भी है, जिसका नाम अक्षत है।

– कंगना को शुरु से मॉडलिंग का शौक था। एक्टिंग के लिए वो महज 15 साल की उम्र में बिना परमिशन लिए चंडीगढ़ से दिल्ली आ गईं थीं।
– दिल्ली में इंडिया हैबिटेट सेंटर में काफी मेहनत के बाद एक्टिंग करने को मिला। 5-6 महीने के बाद एक्टिंग वर्कशॉप के अरविंद गौड़ ने कंगना को मौका दिया।
– बैक स्टेज एक्टिंग करते-करते कंगना को एक बार एंकर बनने का मौका मिला। इस एंकरिंग को ही कंगना अपना पहला ब्रेक मानती हैं और इसके बाद वो मुंबई के लिए निकल पड़ी।

– रिपोर्ट्स के मुताबिक कंगना के घर से भागने और फिल्मों में काम करने की वजह से कंगना के पिता ने उनसे सालों तक बात नहीं की थी।
– कंगना ज्योतिष में काफी विश्वास करती हैं। वे जब भी मंडी आती हैं यहां के ज्योतिष लेखराज शर्मा से जरूर मुलाकात करती हैं।

कंगना की बहन रंगोली के मुताबिक, “मुझे याद है, बचपन से उन्हें फैशन के कीड़े ने काट रखा था। भाबंला जैसी छोटी जगह में भी वह पब्लिक जगहों पर अजीबो-गरीब कपड़े पहनती थीं। वह शॉर्ट पेंट्स, व्हाइट शर्ट और हैट पहनकर घूमती थी। छोटी-सी जगह में इस तरह के कपड़े पहनने से लोग सोचते थे कि वह अजीब है। मुझे उसके साथ चलने में शर्मिंदगी महसूस होती थी। तो मैं कंगना के साथ जाना अवॉइड करती थी। उसके ड्रेसिंग की वजह से डैड उसे लेडी डायना बुलाते थे।

कंगना के मुताबिक, ‘बचपन में मैं बहुत आलसी हुआ करती थी। यहां तक कि नहाने में भी आना-कानी किया करती थी। मेरे घर वाले इस आदत से बहुत दुखी थे। अब मैं सोचती हूं कि शायद इसी कारण तब कोई मेरा दोस्त नहीं बना। हालांकि जैसे ही मैंने अपनी सफाई पर ध्यान देना शुरू किया, मेरे जीवन में बहुत कुछ अच्छा होना शुरू हो गया।

कंगना के माता-पिता चाहते थे कि वे डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कंगना ने कम उम्र में ही मॉडलिंग की राह अपनाई और दिल्ली में रहकर मशहूर थिएटर डायरेक्टर अरविंद गौड़ से एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। वे अरविंद के थिएटर इंडिया हैबिटेट सेंटर का हिस्सा बनीं और कई नाटकों में काम किया। उनका पहला प्ले गिरीश कर्नाड का ‘रक्त कल्याण’ था।

मौत से पहले फोन पर रो-रोकर बेटी ने कही थी मुझसे ये बातें, पिता ने सुनाई आपबीती

नोएडा.टीचर के टॉर्चर और गंदी नीयत से परेशान होकर 9वीं की छात्रा इकिशा शाह ने खुदकुुुशी कर ली। लेकिन उसका परिवार अब भी यह मानने को तैयार नहीं कि उनकी बेटी अब उनके बीच नहीं है। पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। वे आरोपी टीचर्स को सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं। वहीं, मां का कहना है कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगी। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मौत से 20 मिनट पहले बेटी ने फोन पर पिता से कही थी ये बातें…

– इकिशा दिल्ली के मयूर विहार स्थित एल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती थी। उसका परिवार नोएडा सेक्टर-52 में रहता है।
– पिता राघव शाह प्रसिद्ध कथक डांसर और बिरजू महाराज के शिष्य हैं।
– मंगलवार शाम मौत से 20 मिनट पहले इकिशा ने पिता से फोन पर बात कर खुदकुशी कर ली।
– रोते हुए पिता ने बताया- ‘मंगलवार शाम करीब 4.15 मिनट पर मेरी इकिशा से फोन पर बात हुई।’
– ‘पापा कहते ही रोने लगी। कहा- मैंने पूरा कोर्स तैयार कर लिया है।’
– ‘लेकिन ये दोनों बहुत गंदे लोग हैं। मुझे फिर फेल कर देंगे।’
– ‘फोन पर मैं उसे दिलासा देता रहा, बेटी कुछ नहीं हुआ। घर आकर बात करता हूं।’

कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो दिखा ऐसा मंजर
– पिता राघव शाह के मुताबिक, जब वे घर पहुंचे तो बेटी के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
– ‘मैं बहुत घबराया हुआ था। आवाज लगाने पर भी इकिशा दरवाजा नहीं खोल रही थी।’
– ‘मैंने फिर से आवाज लगाई। फिर दरवाजा तोड़कर भीतर देखा…।’
– ‘वो फंदे से लटकी हुई थी। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि बेटी ने आत्महत्या कर ली है।’
– ‘उसे फौरन फंदे से निकालकर हम पास के अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे डेड डिक्लेयर कर दिया।’

आखिर क्या हुआ था इकिशा के साथ, क्यों थी परेशान?
– पिता के मुताबिक, पिछले कुछ समय से इकिशा बहुत परेशान रह रही थी।
– जब उन्होंने बेटी से पूछा- आखिर क्या बात है, तो उसकी बातें सुन पिता हैरान रह गए।
– इकिशा ने स्कूल के ही दो टीचर राजीव सहगल (एसएसटी) और नीरज आनंद (साइंस) पर गंदी नीयत से देखने और छेड़खानी का आरोप लगाया।
– राघव शाह ने बताया, दोनों टीचर अकेले में उसे गंदी नीयत से छूने की कोशिश करते थे।
– ‘मैंने प्रिंसिपल से इसकी शिकायत की। सुनने की बजाए उलटा उन्होंने मुझे बेटी को स्कूल से निकालने की धमकी दे दी।

एक्जाम में किया फेल
– ‘मेरी बेटी पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। शिकायत के बाद से ही टीचर उसे परेशान करने लगे।’
– ’16 मार्च को उसका रिजल्ट आया। हैरानी की बात यह है कि उन्हीं दो सब्जेक्ट में इकिशा फेल हुई थी।’
– राघव शाह ने बताया, इसके बाद मैंने प्रिंसिपल से रि-चेकिंग की बात की। पर उन्होंने मुझे अनसुना कर दिया।
– ‘उसी दिन कॉरिडोर में मुझे वो दोनों टीचर मिले। दोनों मुझे देख कर हंस रहे थे।’
– बेटी बैक पेपर की तैयारी में लगी थी। लेकिन मेंटली टॉर्चर्ड महसूस कर रही थी।
– ‘वह बार-बार मुझसे कहती थी कि वो उसे फिर से फेल कर देंगे। मैं ही उसे समझ नहीं पाया।’

Just keep going: Irrfan Khan shares touching post

New Delhi [India], Mar 20 (ANI): National Award winning actor Irrfan Khan, who is suffering from a rare disease, has posted a touching message on social media.

With a photo of his reflection, the ‘Hindi Medium’ star wrote a philosophical quote by Rainer Maria Rilke.

He shared on Instagram, “God speaks to each of us as he makes us, then walks with us silently out of the night. These are the words we dimly hear: You, sent out beyond your recall, go to the limits of your longing. Embody me.n Flare up like a flame and make big shadows I can move in.”

“Let everything happen to you: beauty and terror. Just keep going. No feeling is final. Don’t let yourself lose me. Nearby is the country they call life. You will know it by its seriousness. Give me your hand #rainermariarilke.”

The 51-year-old revealed last week that he is diagnosed with NeuroEndocrine Tumour. The actor is currently in London for his treatment.

irrfanGod speaks to each of us as he makes us,
then walks with us silently out of the night.

These are the words we dimly hear:

You, sent out beyond your recall,
go to the limits of your longing.
Embody me.

Flare up like a flame
and make big shadows I can move in.

Let everything happen to you: beauty and terror.
Just keep going. No feeling is final.

Don’t let yourself lose me.

Nearby is the country they call life.
You will know it by its seriousness.

ISRO experimenting with potential structures for lunar habitation

In its second mission, Chandrayaan-2 will be made to land on the moon’s yet-unexplored south pole.

The Indian Space Research Organisation is experimenting with potential structures for lunar habitation, the government today told the Lok Sabha.

In a written response to a question in the Lok Sabha, Jitendra Singh, minister of state in the Prime Minister’s Office that looks after the Department of Space, said, “The ISRO, along with academic institutions, is doing experimentation on potential structures for lunar habitation.”

The minister was responding to a question on whether the ISRO has started working on building igloo-like habitats on the lunar surface for potential future missions.

An igloo is a shelter, a place for people to stay warm and dry made from blocks of snow placed on top of each other.

“Various options are being studied about the requirements and complexities of habitats. The study is more towards futuristic developments,” Singh said.

ISRO had first launched its Moon mission Chandrayaan-1 in 2008. In its second mission — the Chandrayaan-2— a rover will be made to land on the moon’s yet-unexplored south pole. The rover will send high-quality pictures that will help in better understanding the moon.

India joins Europe’s satellite data sharing pool

India has joined Europe’s mega global arrangement of sharing data from Earth observation satellites, called Copernicus.

Data from a band of Indian remote sensing satellites will be available to the European Copernicus programme while designated Indian institutional users will in return get to access free data from Europe’s six Sentinel satellites and those of other space agencies that are part of the programme, at their cost.

The space-based information will be used for forecasting disasters, providing emergency response and rescue of people during disasters; to glean land, ocean data; and for issues of security, agriculture, climate change and atmosphere, according to a statement issued by the European Commission here.

The agreement was signed in Bengaluru on Monday by Philippe Brunet, Director for Space Policy, Copernicus and Defence, on behalf of the EC and by P.G. Diwakar, Scientific Secretary, Indian Space Research Organisation.

The multi-billion-euro Copernicus is Europe’s system for monitoring the Earth using satellite data. It is coordinated and managed by the EC.

Wide range

The free and open data policy is said to have a wide range of applications that can attract users in Europe and outside. The Copernicus emergency response mapping system was activated on at least two Indian occasions — during the 2014 floods in Andhra Pradesh in October 2014 and after the 2013 storm in Odisha.

“Under this arrangement, the European Commission intends to provide India with free, full and open access to the data from the Copernicus Sentinel family of satellites using high bandwidth connections. Reciprocally the Department of Space will provide the Copernicus programme and its participating states with a free, full and open access to the data from ISRO’s land, ocean and atmospheric series of civilian satellites (Oceansat-2, Megha-Tropiques, Scatsat-1, SARAL, INSAT-3D, INSAT-3DR) with the exception of commercial high-resolution satellites data,” EC said.

The arrangement includes technical assistance for setting up high bandwidth connections with ISRO sites, mirror servers, data storage and archival facilities.

Husband, wife are not co-owners by default: I-T tribunal

‘Not equal in claiming tax exemptions’

A husband and wife may well be equal partners, sharing the joys and sorrows equally, but they are certainly not equal in claiming tax exemptions. Such exemptions, if any, are only based on relevant documents and not on anything else, according to income tax authorities.

This fact came to the fore recently when a Bengaluru-based couple came knocking at the Income Tax Appellate Tribunal after their joint claim for long-term capital gains (LTCG) exemption on gains arising from the sale of a property was rejected by a tax officer.

While the couple claimed that they jointly invested in the construction of the property and even declared the rent income and sale proceeds equally in their tax returns, the authorities said that since the earlier agreement and the subsequent sale deed were solely in the name of the husband, no such joint claim can be accepted.

The matter dates back to 1986, when the man purchased a land and then constructed a residential property in which he claimed that he and his wife contributed equally.

Thereafter, the property was let out and the rent was again shared equally between the husband and the wife, with both declaring the same in their annual returns as well.

Subsequently, when the property was sold, the gains were shared equally in their filings for tax purposes.

Tax authorities, however, denied the claim of the wife and taxed the entire gains in the hands of the husband. The tax officer’s contention was that the wife’s name was not on the earlier agreement of purchase and also the subsequent sale deed.

According to a note by PwC, which is one of the ‘Big Four’ consultancy firms, the husband stated that the residential property was jointly held, but could not produce any proof to support his claim that his wife contributed towards the purchase.

Malaysian citizen

Further, while the wife was a Malaysian citizen when the property was purchased, she did not have any documents to prove that she sought permission from the Reserve Bank of India (RBI) before purchasing the property.

While hearing the matter, the Bangalore Bench of the Tribunal upheld the tax officer’s stand while noting that the purchase deed and the subsequent sale deed did not mention the wife’s name as either owner or co-owner.

“This ruling of the Tribunal highlights that co-ownership in a property can only be considered from the recitals of the relevant documents and not from any stated intention or claim made, which is legally unsustainable,” tax advisory firm PwC said in the note.

Five militants killed in Kupwara

Two policemen and three jawans also lost their lives in the encounter.

Five militants have been killed and five security personnel lost their lives in an ongoing gunfight in north Kashmir’s Kupwara district on Wednesday.

“Earlier [in the day], three bodies of the militants were recovered. The fourth body of a militant was also spotted at the encounter site in Kupwara. The firing continued [till late Wednesday evening],” said Director General of Police S.P. Vaid.

Late in the evening, a Srinagar-based spokesman confirmed that a fifth militant was “neutralised” at the encounter site. All slain militants, according to the police, were “foreigners and part of a recently infiltrated group”.

“Owing to the thick vegetation and low visibility, the mopping operation is heading slowly in the area and with due caution,” said the police spokesman. “Incriminating documents have also been seized from the slain militants,” he added.

The bodies recovered were strapped with weapons and ammunition, including live grenades, said the police.

A fresh gunfight started on Wednesday morning after an intermittent exchange of fire during the night in Kupwara’s dense forest area of Check Fatehkhan in Halmatpora range.

Officials said the group of militants, which attacked on Army’s domination domination patrol on Tuesday afternoon, “resumed target fire during the day and were holed up in natural caves offered by the mountain range in the area.” The militants fanned out in different directions and “positioned at multiple points”, they said.

According to the spokesmen of the Army and the police, two policeman and three army jawans were also killed in the fierce exchange of fire.

The deceased personnel were identified as Mohammad Ashraf Rather and Naik Ranjeet Singh of 160 battalion of the Territorial Army, and Special Police Officer Mohammad Yousuf Cheche and policeman Deepak Thesoo. The identity of third deceased Army jawan could not be ascertained.

One policeman of the Special Operation Group (SOG) was also injured and “is stated to be stable”.

The Army’s elite force, Para Commandos, have also been brought in to wrap up the encounter. Kupwara is over 110 km north of Srinagar and is a frontier district, close to the Line of Control.

Meanwhile, Chief Minister Mehbooba Mufti expressed solidarity with the bereaved families of the deceased personnel.

Early general election possible in 2018, says Nomura

Political events may stall reform push’

A series of political developments over the last few weeks has placed the Bharatiya Janata Party (BJP) on the back foot and an early general election in the fourth quarter of 2018 cannot be ruled out, according to global financial major Nomura.

In its latest ‘Asia Insights’ report, the Tokya-based financial services firm says that while the Centre may not breach its 2018-19 fiscal deficit target of 3.3% of gross domestic product, greater capital requirements for bank recapitalisation and State-level farm loan waivers could lead to increased debt burden and a higher general government (Centre and States combined) fiscal deficit.

‘Populist overtone’

“From an economic perspective, this suggests that big-ticket reforms are less likely and a populist overtone is more likely as the government raises its pro-farmer, pro-common man profile via higher minimum support prices (MSPs) and fiscal transfers that ensure that MSPs are effective, increasing both inflation and fiscal risks,” Nomura said.

“We were leaning towards the view that concerns over the current account deficit, fiscal slippage and rising inflation were beginning to be priced in, but the risks around politics have turned less favourable for markets after the by-election losses in Uttar Pradesh,” it added.

Interestingly, Nomura is of the view that there is a 25% probability of an early general election, clubbed with State elections scheduled in the fourth quarter of 2018 and the first half of 2019. Rajasthan, Chhattisgarh and Madhya Pradesh will go to the polls in that period.

The financial major opines that the political developments are proving to be irritants for the BJP-led central government due to which big-ticket reforms would be difficult. The focus was instead likely to turn towards implementation along with restrained populism, Nomura added.

आप कभी अमीर बनेंगे या नहीं, इस तरीके से तुरंत हो सकता है मालूम

यूटिलिटी डेस्क. ज्योतिष की मान्यता है कि कुंडली में कुछ विशेष योग होते हैं, जिनके प्रभाव से कोई व्यक्ति धनवान बनता है। यहां जानिए ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार भृगु संहिता में बताए गए कुंडली में कुछ ऐसे योग जो व्यक्ति को धनवान बना सकते हैं…

ये हैं धनवान बनाने वाले कुंडली के योग

– जन्म कुंडली का दूसरा घर या भाव धन को दर्शाता है। कुंडली का दूसरा भाव धन, खजाना, सोना, मोती, चांदी, हीरे आदि से संबंधित है। साथ ही, व्यक्ति के पास कितनी स्थाई संपत्ति जैसे घर, भवन-भूमि होगी, दूसरे भाव से इस बात पर विचार किया जाता है।

– जिस व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय भाव में कोई शुभ ग्रह हो या शुभ ग्रहों की दृष्टि हो, उसे धन प्राप्त होता है।

– अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध द्वितीय भाव में हो और उस पर चंद्र की दृष्टि हो तो व्यक्ति कड़ी मेहनत के बाद भी आसानी से अमीर नहीं बन पाता है।

– अगर किसी व्यक्ति की कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा हो तो वह धनवान बनता है।

– यदि द्वितीय भाव के चंद्र पर नीच के बुध की दृष्टि पड़ जाए तो उस व्यक्ति के परिवार का धन नष्ट हो जाता है।

– यदि चंद्रमा अकेला हो और कोई भी ग्रह उससे द्वितीय या द्वादश न हो तो व्यक्ति आजीवन गरीब ही रहता है। ऐसे व्यक्ति को आजीवन अत्यधिक परिश्रम करना होता है, लेकिन वह अधिक पैसा नहीं प्राप्त कर पाता।

– यदि द्वितीय भाव में किसी पाप ग्रह की दृष्टि हो तो व्यक्ति धनहीन होता है।

इस AC को कितना भी करें यूज, नहीं आएगा बिजली बिल, हर महीने बचेंगे हजारों रुपए

यूटिलिटी डेस्क। सोलर प्रोडक्ट मैन्युफैक्चर कंपनी बेलिफल इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने सोलर से चलने वाला एयर कंडीशन (AC) बनाया है। ये AC इलेक्ट्रिसिटी के बिना ही चलता है। यानी इसे यूज करने पर किसी तरह का बिजली बिल नहीं आएगा। कंपनी ने 1 टन और 1.5 टन कैपेसिटी वाले 2 अलग-अलग AC निकाले हैं। यानी कमरे के साइज और जरूरत को देखते हुए इन AC का यूज किया जा सकता है।

# इतने रुपए की होगी सेविंग

इंडिया में बिजली से चलने वाले AC की बड़ी रेंज मौजूद है। इनमें 2 स्टार से लेकर 5 स्टार रेटिंग वाले AC शामिल हैं। 2 स्टार का बिजली बिल ज्यादा आता है, तो वहीं 5 स्टार का कम। यदि AC 2 स्टार है तब वो सिर्फ एक रात में 8 से 10 यूनिट की खपत करता है। यानी महीने में 250 से 300 यूनिट एक्स्ट्रा हो सकती हैं। दूसरी तरफ, 5 स्टार AC से ये यूनिट 200 के अंदर ही रहती हैं।

भोपाल (MP) में 1 यूनिट की कीमत करीब 7 रुपए है। ऐसे में यदि मंथली यूनिट 100 से ज्यादा होती हैं तब उसका चार्ज भी बढ़ जाता है। जैसे, यहां 378 यूनिट पर 2770 रुपए का बिजली बिल आया। यानी एक यूनिट का औसत खर्च 7.33 रुपए है। ऐसे में यदि AC से 300 यूनिट की खपत होती है तब कम से कम 2,199 रुपए का एक्स्ट्रा बिल आएगा।

# इतनी है कीमत

Belifal के 1 टन वाले सोलर AC की कीमत 1.99 लाख रुपए है। वहीं, 1.5 टन वाले सोलर AC की प्राइस 2.49 लाख रुपए है। ये AC पूरी तरह सोलर सिस्टम पर काम करते हैं। यानी इसकी इंडोर और आउटडोर यूनिट DC पर काम करती हैं।

ये AC पूरी तरह से DC वोल्ट पर काम करता है। इसकी दोनों यूनिट DC को सपोर्ट करती हैं। इसके इनवर्टर में लोवर पावर कंजप्शन टेक्नोलॉजी का यूज किया गया है। ये 48VDC के सोलर सिस्टम पर काम करता है। कंपनी इसके साथ 1500वाट्स का सोलर पैनल और 12V 100Ah बैटरी (6 प्लेट्स) दे रही है। सोलर पैनल इतना पावरफुल है कि ये बैटरी को तेजी से चार्ज करता है।

बेड पर आपकी फेवरेट पॉजिशन क्या है? शाहिद कपूर की पत्नी ने दिया ये जवाब

शाहिद कपूर पत्नी मीरा राजपूत के साथ नेहा धूपिया के चैट शो ‘वोग न्यू बीएफएफ’ पर पहुंचे।

मुंबई.शाहिद कपूर पत्नी मीरा राजपूत के साथ नेहा धूपिया के चैट शो ‘वोग न्यू बीएफएफ’ पर पहुंचे। इस दौरान दोनों ने अपनी लाइफ से जुड़ी कई रोचक बातें शेयर की। नेहा धूपिया ने जब दोनों से उनकी सेक्स लाइफ पर सवाल किया तो शाहिद ने शर्माते हुए इसे नजरअंदाज करने की कोशिश की। उन्होंने मीरा को भी चुप रहने का इशारा किया। वे जवाब दिए बगैर नहीं रह सकीं। क्या था नेहा का सवाल और क्या दिया मीरा ने जवाब…

 

– नेहा ने शाहिद और मीरा से सवाल किया था कि बेड पर उनकी फेवरेट पॉजिशन कौन सी होती है? जाहिर सी बात है ऐसे पर्सनल सवालों का जवाब देने में सबको आसानी नहीं होती। इस वजह से शाहिद ने इसे इग्नोर कर दिया और मीरा को इशारा किया कि वे भी सवाल को अवॉयड कर दें।
– लेकिन मीरा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वे शाहिद कंट्रोल फ्रीक हैं। वे हमेशा मुझसे कहते हैं कि क्या करना है।”

शाहिद बोले- ‘एक महिला ने मुझे चीट किया’

– शो के दौरान नेहा ने शाहिद से पूछा कि क्या कभी किसी महिला ने उन्हें चीट किया? इस दौरान मीरा ने नेहा से सवाल में कुछ बदलाव करने को कहा।
– तब नेहा ने शाहिद से पूछा कि उन्हें कितनी महिलाओं ने धोखा दिया। जवाब में शाहिद ने कहा, “एक के बारे में मैं निश्चित हूं और दूसरी को लेकर मुझे डाउट है।”
– शाहिद ने नाम नहीं लिया। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनका इशारा करीना कपूर की ओर था, जो जब सैफ अली खान के नजदीक आईं, तब शाहिद को डेट कर रही थीं।

ऐसी है मीरा और 13 साल बड़े शाहिद की लव स्टोरी

– शाहिद कपूर और उनके पिता धार्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग व्यास पीठ के फॉलोअर हैं। दोनों सत्संग में हिस्सा लेने दिल्ली जाया करते थे। मीरा और उनकी फैमिली भी इस व्यास पीठ की अनुयायी है। लिहाजा सत्संग के दौरान के दौरान हुईं दोनों की मुलाकातें प्यार में तब्दील गई।
-मीरा राजपूत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स की पढ़ाई की है। वह शाहिद से 13 साल छोटी हैं। दोनों ने जुलाई, 2015 में शादी की थी।वैसे, एक वक्त था जब मीरा इस शादी के लिए तैयार नहीं थीं। इसका कारण उनकी और शाहिद की उम्र में बड़ा अंतर ही था।

मीरा ने शादी के लिए रखी थी यह शर्त

– एक इंटरव्यू में शाहिद ने खुलासा किया था कि मीरा ने उनसे शादी के पहले एक शर्त रखी थी, जिसमें कहा कि उन्हें अपने बाल पहले की तरह रखने होंगे तभी वह उनसे शादी करेंगी।
– दरअसल दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की शूटिंग के दौरान हुई थी और इसमें शाहिद के बाल काफी बढ़े हुए थे। इसके अलावा मीरा ने शाहिद से प्रॉमिस लिया कि जब उनकी शादी होगी तो शाहिद के बालों का कलर नार्मल होगा।

शाहिद को शादू कहती हैं मीरा

– खबरों की मानें तो मीरा ने शाहिद कपूर को डायरेक्ट नाम से नहीं बुलातीं। वे उन्हें ‘शादू’ कहकर बुलाती हैं।
– मीरा को म्यूजिक सुनना पसंद है और वे बॉलीवुड सिंगर्स के अलावा अवरिल लाविंगे, ब्योंस और डेमी लोवाटो सहित कई विदेशी सिंगर्स की फैन हैं।

तो पोर्न स्टार बन जाती राष्ट्रपति ट्रंप के बच्चे की मां, पोलीग्राफ टेस्ट में सामने आया चौंकाने वाला सच

पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स (असली नाम स्टेफनी क्लिफोर्ड) द्वारा डोनाल्ड ट्रंपर संबंध बनाने के आरोप सच हुए है। हाल ही में इस पोर्न स्टार का लाई डिटेक्टर टेस्ट (पोलीग्राफ टेस्ट) हुआ जिसमें बेहद चौंकाने वाली बाते सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाई डिटेक्टर टेस्ट में जब पोर्न स्टार से पूछा गया कि क्या उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के साथ सेक्स क्या है तो उनके हां कहते ही पोलीग्राफ ने उन्हें सच साबित कर दिया। पूछे गए ऐसे-ऐसे सवाल…

पोर्न स्टार के वकील ने सीएनन को बताया कि डॉक्टर्स की टीम ने स्टॉर्मी से तीन प्रमुख सवाल पूछे। पहला, कि क्या जुलाई 2006 में आपने डोनाल्ड ट्रंप के साथ सेक्स किया था? दूसरा, कि क्या आपने जुलाई 2006 में डोनाल्ड ट्रंप से असुरक्षित संबंध बनाए थे? तीसरा, कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने आपको अप्रेंटिस में कास्ट करने की बात कही थी?। इन तीनों सवालों के जवाब में पोर्न स्टार ने हां कहा, जो कि सच पाए गए। टेस्ट में उनके झूठ बोलने की संभावना 1 प्रतिशत बताई गई। माना जा रहा है कि इस पोलीग्राफ टेस्ट से अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टेस्ट रिजल्ट के आने के बाद ट्रंप के समर्थक हैरान हैं, वहीं उनके विरोधियों का कहना है कि पोर्न स्टार ट्रंप के बच्चे की मां भी बन सकती थी।

क्या है पूरा मामला

-असल में इसके पीछे की वजह है एक बड़ा खुलासा जो खुद इस पोर्न स्टार ने किया था। आपको बता दें कि स्टेफनी क्लिफोर्ड ने खुलासा किया था कि उनके अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप से संबंध थे। इतना ही नहीं ट्रंप ने मुंह बंद रखने के लिए पोर्न स्टार 130,000 डॉलर (करीब 90 लाख रु) दिए थे। उनका ये अफेयर तब शुरू हुआ जब ट्रंप की वाइफ मेलानिया बेटे को जन्म दिया था। पोर्न स्टार ने कहा कि ट्रंप के बेटे के जन्म के चार महीने बाद दोनों के संबंध बने थे।

होटल में बने थे ट्रंप से संबंध
– क्लिफोर्ड ने बताया था कि उन्होंने 2006 में ट्रंप के साथ एनवी होटल में ट्रंप के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। साथ ही ट्रंप ने उनसे वादा किया था कि वो उन्हें The Apprentice रिऐलिटी शो में भी कास्ट करेंगे। क्लिफोर्ड ने बताया कि ट्रंप ने एक बार मुझे ये भी कहा था कि मैं उनकी बेटी की ही तरह स्मार्ट और खूबसूरत हूं।

बिल ने तीन दिन पहले ही ये कह दिया था कि उनकी बेटी स्टॉर्मी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जरूरी संबंध बनाए होंगे और अब बार-बार ट्रंप का नाम उछालकर वो अपनी जान खतरे में डाल रही है।

बिल ने बताया कि स्ट्रॉमी एक बेहतरीन स्टूडेंट थी लेकिन पैसे और फेम के चक्कर में उसने ये गंदा काम शुरू कर दिया। बिल ने आगे बताया कि 15 साल पहले स्टॉर्मी ने घर से नाता तोड़ लिया था और वो अपनी बच्ची से भी किसी को नहीं मिलने देती।

Bikini-clad Selena Gomez reveals leg scar from complications during her kidney transplant… as she soaks up the sun in Sydney Harbour before playfully MOUNTING her female pal on a boat

Singer, 25, has a scar high up on her inner right thigh from a ruptured artery she had following the kidney transplant that saved her life in September 2017

She was rushed back into surgery to have a vein removed from her right inner thigh to build a new artery and keep the kidney transplant in place

She’s just touched down in Sydney ahead of the Hillsong Church’s Colour Conference – a festival her former beau Justin Bieber attends annually.

But newly-single Selena Gomez was surrounded pals on Monday, as she showed her affections for one female friend in particular on the top deck of a luxury boat in Sydney’s Harbour, playfully mounting her and giggling as they shared an cuddle.

The 25-year-old Texan native showed off her figure in a two-piece bikini, revealing a prominent scar on her inner her right thigh, obtained during a second emergency procedure that followed her 2017 kidney transplant.

Pairing a bright orange bikini top with plain black bottoms, the singing sensation was accompanied by friends on the cruise.

Her former flame Justin Bieber was nowhere to be seen as she laughed and joked with gal pals on the day out.

At one time, Selena was seen crawling over to her friend, and then lying on top of her with arms open, ready for an embrace.

The mischievous brunette then let out a gleeful smile as her friend, who was resting on her back in a black bikini, returned the enthusiastic squeeze.
Though she was clearly besotted with her mate, it was not the same altruistic friend who became Selena’s organ donor in summer 2017.

Actress Francia Raisa gave Selena one of her kidneys in summer 2017, following the singer’s battle with lupus.

Selena, who underwent a kidney transplant in September last year, first showcased her sizable surgery scar while holidaying in Mexico in December.

However Selena was now displaying the mark that the surgery left behind last September.

यहां पर आया गजब का कानून! 2 पत्नियां रखने पर सरकार देगी मकान भत्ता

संयुक्त अरब अमीरात ने एक अजीब कानून शुरु किया है जिसके तहत दो पत्नियां रखने पर सरकार कई तरह की सुविधाएं दे रही है। यहां की सरकार ने दो पत्नियां रखने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त मकान भत्ता देने की घोषणा की है।

इस देश में अविवाहित लड़कियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने लोगों को दूसरी शादी करने को प्रोत्साहित करने के लिए यह स्कीम जारी की है। UAE के बुनियादी ढांचा विकास मंत्री डॉ. अब्दुल्ला बेलहैफ अल नुईमी ने फेडरल नेशनल कौंसिंल (FNC) के सत्र के दौरान यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि दो पत्नियां रखने वाले सभी लोगों को शेख जायद हाउसिंग कार्यक्रम के तहत मकान भत्ता दिया जाएगा।

उनके मुताबिक असल में यह दूसरी पत्नी के लिए मकान भत्ता होगा। यह एक पत्नी वाले परिवार को पहले से मिल रहे मकान भत्ते के अतिरिक्त होगा। मंत्री ने कहा कि दूसरी पत्नी के लिए भी उसी तरह के रहन-सहन की व्यवस्था होनी चाहिए, जैसा कि पहली बीवी के लिए होता है।

मंत्री ने कहा कि मकान भत्ता देने से लोग दूसरी शादी करने को प्रोत्साहित होंगे और UAE में अविवाहित महिलाओं की संख्या घटेगी। मंत्रालय यह चाहता है कि दूसरी बीवी को भी पहले बीवी की तरह ही मकान मिले।

गजब है इस चायवाले की इनकम! चाय बेचकर एक महीने में कमाता है 12 लाख

अभी तक आपने चाय वालों के बहुत ही चर्चे सुने होंगे जो आश्चर्य में डाल देने वाले होते हैं। ऐसा ही एक और वाकया सामने आया है जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान है। यह चाय वाला चाय बेचकर इतनी कमाई कर रहा है जितनी बड़े—बड़े बिजनेसमैन भी नहीं करते है। इतना ही बल्कि यह चायवाला कोई आम चायवाला नहीं बल्कि महाराष्ट्र का सबसे अमीर चायवालाहै। यह चायवाला एक महीने में 12 लाख रुपए कमाता है। आपको बता दें कि यह शख्स पुणे के नवनाथ येवले हैं जिनकी येवले टी स्टॉल नाम से बहुत फेमस टी स्टाल है। इस टी स्टाल पर एक दिन में हजारों कप चाय बिकती है।

उफ! ये गर्मी: भारत में ज्यादातर तीन टंगड़ी वाले पंखे ही क्यों चलते हैं? वजह बेहद दिलचस्प है

गर्मी ने दस्तक दे दी है। पंखे, कूलर और एसी धीरे-धीरे रफ्तार पकडऩे लगे हैं। लेकिन यहां हम बात करेंगे सेलिंग फैन की, जिसका घर-घर प्रशंसक(फैन) है। जी हां, चाहे घर में कूलर चले या एसी, कमरों के ऊपर बेचारे तीन टंगड़ी वाले फैन की सांसें बराबर चलती रहती हैं। इसे सुकून या इसके कलेजे में ठंडक तभी पहुंचती है, जब बिजली (गुल) मेहरबान होती है। आजकल सेलिंग फैन में भी काफी एक्सपेरिमेंट देखने को मिल रहे हैं। इनकी पंखियों को बेहद स्टाइलिश लुक देने में लगी हुई हैं कंपनियां। खैर, पंखियों को चाहे कितना भी स्टाइलिश बना दो, उनका काम  तो सिर्फ ठंडक देना ही है।

फिर बात चाहे देसी पंखे की हो और विदेशी पंखे की…।तक बैंड होती हैं, जो हवा देने का काम करती हैं। अब जरो सोचिए कि सबसे ज्यादा हवा कौन-सा पंखा देगा, तीन पत्ती वाला या चार पत्ती वाला। बता दें कि तीन पत्ती वाली देसी फैन है, जबकि चार पत्ती वाला विदेशी फैन। यहां सवाल यह भी उठता है कि भारत मेंं 99 प्रतिशत तीन पत्ती वाले पंखे ही क्यों चलते हैं और विदेशों में चार पत्ती वाले पंखे?

वैसे आपने इस बारे में कभी सोचा भी नहीं होगा कि पंखे में तीन और चार पत्ती वाले क्यों होते हैं? बेशक, आपने पंखें की पत्तियों की संख्या पर गौर किया न हो, लेकिन इनकी कम या ज्यादा पत्तियां होने के पीछे ठोस वजह है।के सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनका मकसद एसी की हवा को पूरे कमरे में फैलाना होता है। चूंकि 4 पत्ती वाले पंखे 3 पत्ती वाले पंखे की तुलना में धीमे चलते हैं, इसलिए इनकी वजह से यह काम आसान हो जाता है।

ऐसे में यदि भारत में चार पत्ती वाले पंखे इस्तेमाल होने लगे, तो यहां गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो जाएगा। वैसे भी भारत में पंखा का मतलब ज्यादा से ज्यादा हवा दे। तीन पत्ती वाला फैन हल्का होता है और चलने में इसकी रफ्तार तेज होती है और इससे हवा भी तेज मिलती है। वैसे अब भारत में भी पंखे को एसी के सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा है…। ऐसे में आप अपने एसी वाले कमरे में ४ पत्ती वाला फैल लगवा सकते हैं…यह धीमा चलेगा और इससे बिजली भी ज्यादा खपत नहीं होती।

13 की उम्र में हुआ था सलमान की इस Ex-गर्लफ्रेंड का रेप, अब कर रही ये काम

मुंबई.पॉप सिंगर दलेर मेहंदी को 14 साल पुराने में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में 2 साल कैद की सजा सुनाई गई। हालांकि, उन्हें इसके बाद जमानत भी मिल गई। वैसे, बॉलीवुड की एक एक्ट्रेस ऐसी भी हुई है, जिसने ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे क्राइम का शिकार हुए लोगों के लिए ‘नो मोर टियर’ नाम की संस्था शुरू की। यह एक्ट्रेस कोई और नहीं, बल्कि सलमान खान की गर्लफ्रेंड रह चुकीं सोमी अली हैं।5 की उम्र में सेक्शुअली अब्यूज तो 13 की उम्र में हुई थीं रेप की शिकार…

– पाकिस्तानी मूल की एक्ट्रेस सोमी अली ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया था, “मैं कई तरह के डोमेस्टिक वायलेंस सहते-सहते बड़ी हुई हूं। जब मैं पांच साल की थी, तब मुझे सेक्शुअली अब्यूज किया गया। 12 साल की उम्र में मैं यूएस शिफ्ट हो गई और 13 की उम्र में मेरा रेप किया गया।”
– “मैं हमेशा ऐसे अब्यूज का सामना किया और गवाह भी बनी। हमेशा से इस तरह के क्राइम से पीड़ित महिला, पुरुष और बच्चों के लिए कुछ करना चाहती थी।”
– बता दें कि 2007 में सोमी ने संस्था ‘नो मोर टियर’ शुरू की। वे कहती हैं कि संस्था की शुरुआत उन्होंने डोमेस्टिक वायलेंस के शिकार लोगों की मदद के लिए की थी।
– बकौल सोमी, “यह संस्था मियामी बेस्ड है और यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में देश (अमेरिका) का सबसे घटिया शहर है। इसी शहर की वजह से मैंने अपनी संस्था के तहत मैंने सेक्स ट्रैफिकिंग और इसी के जैसे दूसरे क्राइम के शिकार लोगों के लिए भी काम करना शुरू किया।”
– सोमी कहती है कि कई महिलाओं को मिडिल ईस्ट, साउथ एशिया और दुनिया के दूसरे हिस्सों से खरीदकर यूएस लाया जाता है, जो बाद में सेक्शुअल और फिजिकल वायलेंस की शिकार होती हैं।
– सोमी के मुताबिक, पिछले 10 सालों में उनकी संस्था ने हजारों महिलाओं,पुरुषों और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने का कम किया है। इनमें से कई शादीशुदा महिलाएं, जिन्हें उनके पति ने सेक्स के लिए यूज कर बेच दिया तो कई ऐसे लड़के-लडकियां शामिल हैं, जो अपने ही घर में सेक्शुअली अब्यूज हुए और घर से भागने के बाद दलाओं के हत्थे चढ़ गए। इनमें से ज्यादातर इंडिया,पाकिस्तान और मिडिल ईस्ट के विक्टिम्स शामिल हैं।

एक्ट्रेस का पहला प्यार थे सलमान खान

– एक पुराने इंटरव्यू में सोमी ने सलमान के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की थी। सोमी ने इस इंटरव्यू में कहा था कि सलमान उनके पहले ब्वॉयफ्रेंड थे। लेकिन ऐश्वर्या राय बीच में आईं और उनका रिश्ता टूट गया।
– बकौल सोमी, “सलमान पर मेरा क्रश उस वक्त हो गया था, जब मैं टीनेजर थी। यही क्रश मुझे फ्लोरिडा से इंडिया ले आया। मैंने फिल्मों को सिर्फ इसलिए ज्वाइन किया, ताकि सलमान से मेरी शादी हो सके। 15 साल की उम्र में आपके पास कुछ भी इडियटिक करने का लाइसेंस होता है। हालांकि, मुझे अपने पहले प्यार का पीछा करने का कोई भी अफ़सोस नहीं है।”

8 साल तक रहा सलमान से रिलेशनशिप

– जब सोमी महज 15 साल की थीं, तब उन्होंने सलमान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ देखी और उन्हें दिल दे बैठीं।
– सलमान से शादी की चाहत लिए वे मुंबई आईं और काम की तलाश करने लगीं। इसी दौरान एक स्टूडियो में उनकी मुलाकात सलमान से हुई।
– करीब 8 साल तक सोमी सलमान के साथ रिलेशनशिप में रहीं।
– 1997 में सलमान की नजदीकियां ‘हम दिल दे चुके सनम’ के सेट पर ऐश्वर्या राय से बढीं और सोमी के साथ उनका ब्रेकअप हो गया।
– दोनों ने फिल्म ‘बुलंद’ (1992) में साथ काम किया है, जो आजतक रिलीज नहीं हो सकी। फिल्म 80 प्रतिशत शूट हो चुकी थी। लेकिन किन्हीं कारणों से यह अटक गई। – 2016 में आई ऋतिक रोशन स्टारर ‘काबिल’ को मीडिया रिपोर्ट्स ने ‘बुलंद’ की कॉपी बताया था।

रिश्ता टूटने का नहीं है कोई अफ़सोस

– सोमी ने इंटरव्यू में बताया है, “मुझे इस बात का कोई अफ़सोस नहीं है कि सलमान के साथ मेरा रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया। सलमान और उनकी फैमिली से बहुत कुछ सीखा है।”
– मुझे सीख मिली है कि यह मायने नहीं रखता कि किसी का धर्म क्या है, कल्चर क्या है, वह कहां का रहने वाला है। किसी भी इंसान की पहचान उसके काम से होती है। सलमान आगे बढ़ने के लिए अच्छे रोल मॉडल हैं।”

हसीन जहां ने FB पर साधा निशाना, कहा- बिना मंजूरी ब्लॉक हुआ अकाउंट

कोलकाता। पत्नी हसीन जहां की शिकायत के बाद मोहम्मद शमी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। ऐसे में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस बीच पत्नी हसीन ने कहा है कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर मोहम्मद शमी से जुड़ी जो तस्वीरें डाली हैं। वो डिलीट हो गई हैं।

मोहम्मद शमी के खिलाफ पत्नी ने पुलिस में शिकायत करने से पहले अपने फेसबुक अकाउंट पर शमी से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की थीं। ताकि वो बतौर सबूत इसका इस्तेमाल कर सकें। जब से पत्नी ने सोशल मीडिया पर शमी के खिलाफ आरोप लगाना शुरू किए हैं। तब से ही ये खबर मीडिया की सुर्खियां बनी हुई हैं। इस घटना से बतौर क्रिकेटर उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है।

हसीन जहां ने कुछ दिन पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पति शमी की कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए उन पर विवाहेत्तर संबंधों के आरोप लगाए। हसीन जहां ने कई लड़कियों के साथ शमी की तस्वीरें और व्हाट्सऐप चैट फेसबुक पर पोस्ट की थी। जिसके बाद बवाल मच गया। इसके बाद हसीन जहां ने मीडिया में खुलकर पति शमी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मैंने कई लोगों से मदद मांगी, मगर मदद नहीं मिलने की वजह से मुझे मजबूरी में सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा। मगर अचानक फेसबुक ने मेरा अकाउंट ब्लॉक कर दिया और बिना मुझसे पूछे उन तस्वीरें को भी डिलीट कर दिया गया।

ये खबर सामने आने के बाद शमी की केवल छवि को नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से शमी को बाहर कर दिया।

गैर जमानती धाराओं में दर्ज हुआ मामला-

हसीन जहां की शिकायत के आधार पर शमी व उनके परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ जादवपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (दहेज से संबंधित घरेलू हिंसा), 323 (मारपीट), 307 (हत्या की कोशिश), 376 (दुष्कर्म), 506 (जान से मारने की धमकी), 328 (जहर देना) और 34 (आपराधिक साजिश के तहत सामूहिक अत्याचार) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

शमी के अलावा उनके परिवार के चार अन्य लोग कौन हैं, इस बारे में पुलिस की ओर से अभी साफ नहीं किया गया है। कानूनी जानकारों के मुताबिक इनमें से धारा 307, 328 और 376 गैरजमानती हैं। ऐसे में शमी व उनके परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी लगभग तय है, बशर्ते उन्हें हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत न मिले।

अयोध्या केसः सुप्रीम कोर्ट ने कहा- समझौते का निर्देश हम नहीं दे सकते

नई दिल्ली। अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बार फिर से कहा कि वो किसी को समझौते के लिए नहीं कह सकते। कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि हम किसी को नहीं कह सकते कि समझौता करो और किसी को समझौता करने से इन्कार भी नहीं कर सकते।

बेंच ने आगे कहा कि अगर दोनों पक्षों के वकील खुद आकर कहें कि हमने समझौता कर लिया है तो हम मुद्दे को रिकॉर्ड कर लेंगे। लेकिन समझौते के लिए हम ना तो किसी को कह सकते हैं और ना नियुक्त कर सकते हैं। हम इस तरह के केस में ऐसा कैसे कर सकते हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।

इससे पहले सुनवाई शुरू होते ही सर्वोच्च न्यायालय ने इस केस में हस्तक्षेप करने वाली तीसरे पक्ष की कुल 32 याचिकाएं खारिज कर दीं। इनमें अपर्णा सेन, श्याम बेनेगल और तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका भी शामिल थी।

सभी कागजी कार्रवाई और अनुवाद का काम पूरा हो गया है। आठ मार्च को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार के समक्ष हुई बैठक में सभी पक्षों ने यह जानकारी दी।

हाई कोर्ट आदेश के खिलाफ सबसे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लिहाजा पहले बहस करने का मौका उन्हें मिल सकता है।

इस मामले से जुड़े 9,000 पन्नों के दस्तावेज और 90,000 पन्नों में दर्ज गवाहियां पाली, फारसी, संस्कृत, अरबी सहित विभिन्न भाषाओं में हैं, जिस पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोर्ट से इन दस्तावेजों को अनुवाद कराने की मांग की थी।

रिटायर्ड फौजी विशेष कार्ड से देश के किसी भी अस्पताल में करा सकेंगे इलाज

बिलासपुर। रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर सेवानिवृत फौजियों के लिए विशेष प्रकार का चिप लगा पहचान पत्र बनाया जा रहा है। इस कार्ड के बनने के बाद फौजी देश के किसी भी कोने में संचालित अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। खास बात ये कि इलाज के लिए केंद्र सरकार ने कोई लिमिट तय नहीं की है। फौजियों के इलाज में खर्च होने वाली राशि का केंद्र सरकार वहन करेगी।

रिटायर्ड सैनिकों के बुरे वक्त में केंद्र सरकार ने साथ देने की योजना बनाई है। मंत्रालय के निर्देश पर रिटायर्ड फौजियों के लिए चिप लगा विशेष प्रकार का कार्ड बनाया जा रहा है। इस कार्ड को उनके आधार नंबर से लिंक किया जाएगा । विशेष प्रकार के चिप लगे कार्ड में फौजी की पूरी बायोग्रॉफी सहित पत्नी,बेटा,बहू व बेटी अगर अविवाहित है तो उनका भी कार्ड में उल्लेख रहेगा। विशेष प्रकार के कार्ड को स्वेप करते ही रिटायर्ड फौजी की पूरी जानकारी कंप्यूटर के स्क्रीन पर सामने आ जाएगी । चिप युक्त कार्ड से फौजी देश के किसी भी कोने में बेहतर इलाज करा सकेंगे । रिटायर्ड फौजी व परिजनों के इलाज में जितनी राशि खर्च होगी सब केंद्र सरकार वहन करेगी।

बेटी अविवाहित तो चिकित्सा सुविधा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की

रिटायर्ड फौजी बेटी अगर अविवाहित है और उसकी उम्र ज्यादा हो गई है तो भी इलाज में खर्च होने वाली राशि का भुगतान केंद्र सरकार करेगी । जबकि 25 वर्ष के बाद बेटे की इलाज की जिम्मेदारी पिता या फिर स्वयं बेटे की होगी ।

इनका कहना है

केंद्र सरकार के निर्देश पर रिटायर्ड सैनिकों के लिए विशेष चिप से देश के किसी भी कोने में इलाज कराने की सुविधा मिलना प्रारंभ हो जाएगा इसकी राशि केंद्र सरकार वहन करेगी – शिवेंद्र पांडेय-कल्याण संयोजक,जिला कल्याण सैनिक बोर्ड बिलासपुर

‘मैं हिन्दू हूं ईद नहीं मनाता…’, ये हैं योगी के 10 सबसे विवादित बयान

लोकल डेस्क. 19 मार्च यानी सोमवार को योगी सरकार के एक साल पूरे हो रहे हैैं। बता दें कि राजनीति में सीएम योगी आदित्यनाथएक कट्टर इमेज वाले हिंदू लीडर के रूप में जाने जाते हैं। अक्सर वे अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जिसका विपक्ष ने जमकर विरोध किया। आपको योगी के अब तक के दिए विवादित बयानों से रूबरू कराने जा रहा है। लोकभवन में होगा जश्न…

सोमवार को योगी सरकार के एक साल पूरे होने पर लोकभवन में जश्न मनाया जाएगा।
– जानकारी के मुताबिक, इस मौके पर सरकार के कामकाज पर बनी फिल्म भी दिखाई जाएगी।
– फिल्म में यूपी सरकार के साल भर में किए गए तमाम कामों का ब्योरा होगा।

इन वेबसाइट पर ‘रेड’ मूवी हुई ऑनलाइन Leak, लोग कर रहे फ्री में डाउनलोड

यूटिलिटी डेस्क। अजय देवगन स्टारर मूवी ‘रेड’ ऑनलाइन लीक हो गई है। ये फिल्म 16 मार्च, शुक्रवार को रिलीज हुई थी, लेकिन रिलीज होने के अगले दिन ही ये लीक हो गई। लीक होने वाली मूवी की लेंथ 120 मिनट की है। हालांकि, इस मूवी का रनिंग टाइम 128 मिनट है। वहीं, फिल्म का डाउनलोड साइज 671.14 MB है। इसे हजारों लोग ऑनलाइन डाउनलोड कर चुके हैं। फिल्म ऑनलाइन डाउनलोड करना पायरेसी लॉ की तहत गैरकानूनी होता है। ऐसे में आप इन वेबसाइट पर जाकर मूवी डाउनलोड करते हैं तब आप मुसीबत में फंस सकते हैं। इस तरह की वेबसाइट पर जाकर मूवी डाउनलोड करने से पायरेसी को बढ़ावा मिलता है।

# 3 साल की सजा

पायरेसी लॉ की तहत अगर कोई ऑनलाइन ऐसी मूवी देखता है जो पायरेसी कंटेंट में आती है। तब उसे इसके लॉ के तहत 3 साल तक की सजा भी हो सकती है। ठीक इस तरह यदि कोई मूवी डाउनलोड करता है तब उसके लिए भी सजा का प्रावधान है। ऐसे में पायरेसी को बढ़ावा देने से बचना चाहिए।

# इन वेबसाइट से हो रही फ्री डाउनलोड

इस फिल्म को इंडिया में कई वेबसाइट से डाउनलोड किया जा रहा है। इसमें rdxhd, moviespur, bigdaddymovies, aeonsource समेत कई अन्य वेबसाइट भी शामिल हैं। इन वेबसाइट पर ये मूवी फ्री डाउनलोड हो रही है। यानी इसके लिए कोई पेमेंट नहीं करना है, सिर्फ डाउनलोडिंग के लिए डाटा खर्च करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, मूवी को ऑनलाइन भी देखा सकता है। ‘रेड’ मूवी ऑनलाइन लीक होने से फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर असर हो सकता है।

सामने आया हसीन जहां के धोखेबाजी का ये प्रूफ, उधर शमी के गांव पहुंची पुलिस

अमरोहा.टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और हसीन जहां का एक मैरिज सर्टिफिकेट सामने आया है। इसके मुताबिक, शमी के साथ शादी के वक्त जहां ने खुद के तलाकशुदा और दो बेटियां होने की बात छिपाई थी। सर्टिफिकेट में जहां ने अपने मैरिटल स्टेटस में बैचलर पर निशान लगाया है। खुद शमी ने इसे रीट्वीट किया है। बता दें कि 7 अप्रैल, 2014 को शमी और जहां की शादी हुई थी। इस बीच, कोलकाता पुलिस भी यूपी के अमरोहा में शमी के घर परिजनों से पूछताछ करने पहुंची। मुकदमें की तैयारी में शमी…

– क्रिकेटर शमी ने कहा- ‘हसीन ने मुझसे झूठ बोलकर शादी की थी। उसने मुझे धोखा दिया। जिंदगी का सबसे बड़ा राज छिपाया।’
– इसके साथ ही दोनों के बीच सुलह की सारी उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं।
– हालांकि, तब तक हसीन जहां पहले पति शेख सैफुद्दीन को डायवोर्स दे चुकीं थीं।
– बता दें कि शमी ने मामले को लेकर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर ली है।
– शमी ने कहा, ‘पत्नी के साथ विवाद को सुलझाने की खूब कोशिश की, लेकिन अब कानूनी लड़ाई लड़ूंगा।’
– ‘मैं और मेरी फैमिली पुलिस को जांच में पूरा सहयोग कर रही है।’

शमी के घर पहुंची कोलकाता पुलिस
– बता दें कि हसीन जहां, शमी और उनके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न, जानलेवा हमले और दुष्कर्म जैसे संगीन आरोप लगाते हुए पहले ही कोलकाता में एफआईआर दर्ज करा चुकी हैं।
– इसी सिलसिले में रविवार को कोलकाता पुलिस यूपी के अमरोहा स्थित शमी के घर उससे पूछताछ के लिए पहुंची।
– जहां कोलकाता पुलिस को घर पर परिजनों में से कोई नहीं मिला। तब केवल रिश्तेदार मौजूद थे। पुलिस उनसे ही सवाल-जवाब कर लौट गई।
– रिश्तेदार मुजीब ने के मुताबिक, पुलिस केवल दोनों के बीच हुए झगड़े के बारे में पूछताछ कर चली गई।
– कोलकोता क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर चेतन्य ने बताया कि अभी गांववालों और रिश्तेदारों से साधारण बातचीत हुई है।
– उन्होंने कहा, मामले की जांच चल रही है। इसकी डिटेल अमरोहा एसपी को भी दी गई है।

बुर्का पहने चार महिलाएं मस्जिद के प्रांगण में खेल रही थीं बोर्ड गेम, फोटो वायरल, विवाद

‘हमने तुरंत महिला अधिकारियों को मौके पर भेजा और उन्होंने महिलाओं से ऐसी चीजें जगह की शुचिता को ध्यान में रखते हुए न करने के लिए कहा. महिलाओं ने बात मानते हुए तुरंत इस एरिया को खाली कर दिया था.’

रियाद: मक्का की पवित्र मस्जिद के प्रांगण में बुर्का पहने चार महिलाओं की एक तस्वीर सऊदी अरब में विवादों के घेरे में आ गई है. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. दरअसल बुर्का पहने ये महिलाएं मस्जिद के प्रांगण में कोई ‘बोर्ड गेम’ खेलती नजर आ रही हैं.

इस तस्वीर के वायरल होने के कुछ ही समय बाद सऊदी अरब अथॉरिटी ने एक स्टेटमेंट जारी कर दिया. स्टेपफीड नामक वेबसाइट के हवाले में न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि पवित्र मस्जिद की गवर्निंग अथॉरिटी के एक प्रवक्ता के मुताबिक, सुबह 11 बजे पिछले शुक्रवार कुछ सिक्यॉरिटी अफसरों ने चार महिलाओं को सीक्वेंस नामक बोर्ड गेम खेलते देखा. स्टेटमेंट में कहा गया है- हमने तुरंत महिला अधिकारियों को मौके पर भेजा और उन्होंने महिलाओं से ऐसी चीजें जगह की शुचिता को ध्यान में रखते हुए न करने के लिए कहा. महिलाओं ने बात मानते हुए तुरंत इस एरिया को खाली कर दिया था.

स्टेपफीड एक अंग्रेजी वेबसाइट है जिसका कहना है कि यह मामला ‘अरब जगत में ट्रेंड कर रहा है’. हालांकि इंटरनेट पर लोग इसे अलग अलग तरह से ले रहे हैं. किसी ने महिलाओं के यूं बोर्ड गेम खेलने की निंदा की जबकि किसी ने उनका विरोध करने का वालों से असहमति जताई. इसी बीच बता दें कि साल 2015 में मदीना के मस्जिद-ए-नवाबी में कुछ युवा कार्ड्स खेलते हुए पाए गए थे. रिपोर्ट्स थीं कि सुरक्षागार्डों ने उन्हें अरेस्ट कर लिया था

‘Ready for Summer’: Busty Holly Hagan flaunts her ample cleavage and tiny waist in a bright blue bikini… amid claims she’s returning to Geordie Shore

She’s allegedly set to make a comeback to Geordie Shore.

And keeping her fans guessing, Holly Hagan teased her followers with a sexy bikini snap on Sunday, showing off her incredible figure in her sizzling two-piece.

The reality star flaunted her ample cleavage in the electric blue swimwear, highlighting her enviable figure.

The tiny bikini drew attention to her slender waistline and flat stomach as she posed up a storm.

‘Ready for Summer’, she captioned the snap, tagging the ensemble as Miss Pap.

Holly has been dazzling her fans with an array of Kim Kardashian inspired posts of late, favouring the same long silver wig and faded filter loved by the American star.

This comes amid claims Holly will reportedly return to screens on Geordie Shore for the 17th series, which is set to star show regulars Sophie Kasaei and Chloe Ferry.

Raj Thackeray calls for ‘Modi-mukt Bharat’

Mumbai [Maharashtra] [India], Mar 19 (ANI): Maharashtra Navnirman Sena (MNS) chief Raj Thackeray on Sunday called for a ‘Modi-mukt Bharat.’

Addressing a rally on the occasion of Gudi Padwa in Mumbai‘s Shivaji Park, Thackeray said, ‘Today, we have to gear up for the third independence. All the political parties must unite to make Modi-mukt Bharat a reality.’

In an hour-long speech, the MNS chief also warned about attempts by certain elements to spark nation-wide riots in future.

Voices of a “united opposition” gained even more momentum after the Bharatiya Janata Party‘s (BJP) lost two crucial seats in the Uttar Pradesh by-polls.

According to the experts, joining forces is the only way to dethrone the Modi-led government in 2019 Lok Sabha elections. (ANI)

दलेर से मीका तक, मारपीट-रेप जैसे मामलों में जेल जा चुके ये 10 फेमस सिंगर

मुंबई. हाल ही में पटियाला कोर्ट ने पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी को 2003 के मानव तस्करी के एक मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। मामले में उन्हें दो साल की जेल हुई लेकिन वे जेल गए और करीब 20 मिनट के अंदर ही उनको जमानत भी मिल गई। वैसे ये कोई पहला मामला नहीं है जब कोई सिंगर जेल गया है इससे पहले भी कई सिंगर्स जेल जा चुके हैं। आज इस पैकेज में हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही 10 सिंगर्स के बारे में जो कभी मारपीट, शराब पीकर गाड़ी चलाने तो कभी रेप के आरोप में जेल का चुके हैं।

1. मीका सिंह
कई कॉन्ट्रोवर्सी में फंस चुके मीका एक बार तो गिरफ्तार भी हो चुके हैं। ये वाकया उस दौरान का है जब उन्होंने अपना आपा खोकर दिल्ली में एक फैन को थप्पड़ जड़ दिया था।
2. प्राजक्ता शुक्रे
‘इंडियन आइडल’ की एक्स कंटेस्टेंट और बॉलीवुड सिंगर प्राजक्ता को शराब पीकर कार चलाने और दो लोगों को कार से चोटिल करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बता दें, उस वक्त उनके साथ कार में सिंगर अभिजीत सावंत भी मौजूद थे।

यहां एक ही किचन में बनता है 65 परिवारों का फ्री खाना, 7 साल से चल रही है ये प्रथा

नाथद्वारा(उदयपुर). शहर में बोहरा समाज के 65 घरों में सुबह का भोजन एक साथ बनता है और फिर हर घर टिफिन भेजते हैं। सिलसिला सात साल से चल रहा है। अपने धर्मगुरु की नसीहत पर देश के कई शहरों में बोहरा समाज के लोग इसी प्रकार सामूहिक भोजन बनाकर घर-घर टिफिन पहुंचाने की मिसाल पेश कर रहे हैं। इस व्यवस्था में एक ही मीनू का टिफिन हर घर पहुंचाने के पीछे ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म करने की सोच भी है।

– शहर में बोहरा समाज के 65 परिवारों में करीब 350 लोग हैं। अधिकांश परिवार व्यापारी वर्ग से हैं।
– 7 साल पहले इस व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी।
– भोजन समाज के भवन में तैयार होता है। किसी के घर मेहमान हो तो कमेटी को सदस्यों के अनुसार मात्रा बढ़ाने की सूचना दे दी जाती है।
– सामूहिक भोजन बनाने के लिए फैज उल मवाईद बुरहानिया कमेटी बना रखी है, जो भोजन की गुणवत्ता, वितरण की व्यवस्था देखती है।
– दाना कमेटी रसोई का राशन खरीदने की जिम्मेदारी निभाती है। इस कमेटी में 10 सदस्य हैं।

मेन्युकैलेंडर के अनुसार

– सामूहिक भोजन के लिए कैलेंडर तय कर धर्मगुरु के स्तर पर बनाई कमेटी स्थानीय कमेटी को भेज देती है।
– मेन्यु कैलेंडर के अनुसार ही तय होता है। सप्ताह में एक दिन मिठाई तथा पर्व-त्योहार पर मिठाई सहित हर दिन के लिए दाल, सब्जी का मीनू निर्धारित है।

एक-दूसरे की खुशी में शामिल होता है हर परिवार

– खुशी के मौकों पर समाज के लोग अपनी तरफ से रसोई घर में कमेटी को सूचना देकर मिठाई बनवाते हैं और इसे हर घर बंटवाते हैं।
– इससे समाज के लोगों का हर परिवार की खुशी में शामिल होने में जुड़ाव होता है।
– टिफिन दोपहर एक बजे तक घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी वितरण कमेटी की होती है।
– रसोई सुबह 9 बजे शुरू होती है। कोई सफर पर जा रहा है तो बस स्टैंड, बीमारी में अस्पताल तक भी भोजन पहुंचाया जाता है।
– पर्व, त्योहार, जन्मदिन, सालगिरह सहित अन्य मौकों पर कमेटी के पास अतिरिक्त टिफिन की सूचना पहले ही आ जाती है।

सामर्थ्य के अनुसार देते हैं आर्थिक सहयोग

– इस व्यवस्था के बदले समाज के लोग सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग देते हैं।
– टिफिन पहुंचाने के बदले कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। समाज की कमेटी अपने स्तर पर इसका खर्च वहन करती है।

योगी सरकार का एक साल: 5 बड़े चुनावी वादों में से ज्यादातर अधूरे, कुछ पर काम ही शुरू नहीं हुआ

लखनऊ.भाजपा ने 28 जनवरी, 2017 को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2017 के लिए घोषणा पत्र जारी किया था। इसमें यूपी में अपराध और भ्रष्टाचार को खत्म कर, विकास और गरीबों की बेहतरी के लिए काम करने के दावे किए थे। भाजपा बहुमत के साथ जीती और 19 मार्च, 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनकी सरकार का एक साल पूरा होने पर DainikBhaskar.com ने उनके 5 वादों की जमीनी हकीकत जानी।

1) किसानों की कर्जमाफी

वादा: किसानों का पूरा कर्ज माफ होगा। बिना ब्याज कर्ज दिया जाएगा।
सरकार ने क्या किया: योगी ने पहली कैबिनेट मीटिंग में 36 हजार 359 करोड़ रुपए की कर्ज माफी का एलान किया। 78 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलना था।
हकीकत:अभी तक 17.30 लाख किसानों का कर्ज माफ हुआ। यह कुल टारगेट का सिर्फ 22% है। देवरिया, वाराणसी, गोरखपुर और कुशीनगर को छोड़कर किसी भी जिले में दूसरे चरण की कर्जमाफी के प्रमाण पत्र बांटने का काम शुरू नहीं हुआ है।
दलील:कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिला है। दूसरे चरण के प्रमाणपत्र भी जल्द बांटे जाएंगे।
आरोप:नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि कर्जमाफी की आड़ में सरकार ने खेती का बजट 70.13% कम कर दिया। किसानों को छला गया है।

2) शिक्षा और रोजगार
वादा:
 पहली से 8वीं तक के बच्चों को स्वेटर, मौजे और जूते मुफ्त दिए जाएंगे। ग्रेजुएट तक लड़कियों और 12वीं तक लड़कों को लैपटॉप मुफ्त दिया जाएगा।
सरकार ने क्या किया: सरकार ने दो बार टेंडर निकाल, लेकिन दिसंबर 2017 तक प्रॉसेस पूरी नहीं हो पाई। बाद में कलेक्टर को अपने स्तर पर टेंडर कराने को कहा गया। फ्री लैपटॉप वितरण योजना- 2017 शुरू की।
हकीकत:1.5 करोड़ बच्चों में से सर्दी खत्म होने तक सिर्फ 45% बच्चों को स्वेटर बांटे गए। 22 से 23 लाख स्टूडेंट्स में से अभी किसी को भी फ्री लैपटॉप नहीं मिला।
दलील: विभाग की मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कलेक्टर को निर्देश दिए थे सभी बच्चों को स्वेटर बांट दिए गए हैं।
आरोप: सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि स्वेटर बांटने में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। ठंड खत्म होने के बाद दिखावे के लिए स्वेटर बांटे गए।

3) बिजली की समस्या
वादा:
 2019 तक हर घर में बिजली। 5 साल में 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी।
सरकार ने क्या किया:राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के मुताबिक, सपा सरकार में 14 घंटे बिजली मिल रही थी, अब 16 से 18 घंटे मिल रही है। हालांकि, लोड बढ़ने से किसानों को ज्यादा राहत नहीं मिली।
हकीकत: बिजली का निजीकरण किया गया। रेट 50 से 150 फीसदी तक बढ़े। गर्मी शुरू होते ही शहरों में भी बिजली कटौती शुरू हो गई है।
दलील: ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का दावा है कि सपा सरकार ने पांच साल में जितने ट्रांसफार्मर बदले उतने हमने 1 साल में बदल दिए। करीब 37 हजार ट्रांसफार्मर खराब हो गए थे।
आरोप: सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि केंद्र के सहारे यूपी में बिजली की सप्लाई की जा रही है। बिजली का रेट बढ़ाकर अवैध वसूली की जा रही है।

4) सेहत का ख्याल
वादा:
 राज्य में 25 सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और 6 एम्स बनाएंगे।
सरकार ने क्या किया: बजट में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और एम्स के लिए पहले चरण में 4323.89 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
हकीकत:अभी तक किसी भी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल या एम्स के लिए जमीन तक तय नहीं हुई है। गोरखपुर एम्स का शिलान्यास अखिलेश सरकार में किया गया था। डेढ़ साल बीत गया, लेकिन इसका भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
दलील: स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का कहना है कि यूपी में स्वास्थ्य की समस्या बहुत ही जटिल थी। पिछली सरकारों ने स्वास्थ्य के बजट में घोटाले किए। एक साल में हमने बेहतर इंतजाम किए।
आरोप: सपा के सीनियर लीडर और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि सरकार काम करने की बजाए अस्पतालों का भगवाकरण करवा रही है। बीआरडी कॉलेज की घटना सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।

5) गड्ढा मुक्त सड़कें
वादा:
प्रदेश में सभी सड़कें 15 जून 2017 तक गड्ढा मुक्त होंगी।
सरकार ने क्या किया: सरकार ने अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी। कुल 1 लाख 21 हजार 816 किलोमीटर सड़क गड्ढा मुक्त की जानी थी।
हकीकत:सिर्फ 61 हजार 433 किलोमीटर यानी सिर्फ 50% सड़कें ही गड्ढा मुक्त हो पाई। टारगेट पूरा करने के लिए सिर्फ तीन महीने से भी कम वक्त बचा है।
दलील: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि सड़कों को गड्डा मुक्त करने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। विभाग के पास उचित बजट नहीं था फिर भी हमने अन्य विभागों के सहयोग से लक्ष्य को पूरा किया है।
आरोप: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत का कहना है कि, गड्डे मुक्त सड़क का दावा कुछ ही जिलों में सफल हुआ है। जिन सड़कों को गड्डा मुक्त किया गया है वो फिर से उसी तरह हो गई हैं।

Nidahas trophy India vs Bangladesh final: Karthik’s last-ball six helps India win

India skipper Rohit Sharma won the toss and chose to bowl first against Bangladesh in the Twenty20 tri-series final in Colombo on Sunday.

The youthful Indian team, which reached the final with three wins from four matches, made just one change — with paceman Jaydev Unadkat coming in for Mohammed Siraj.

Bangladesh captain Shakib Al Hasan said his team would have to be at their best against India. The underdogs are unchanged from their previous win against hosts Sri Lanka.

‘It was very hard’ Francia Raisa reveals both she and best friend Selena Gomez went through depression after kidney transplant surgery

Selena Gomez revealed she underwent a kidney transplant due to her lupus in an Instagram post she shared in September 2017.

And Francia Raisa, her best friend who donated her kidney to Selena, said they both ‘went through depression’ post-surgery, according to Self.

The 29-year-old actress told the magazine in a video, which was published on Wednesday, that nothing could have prepared her for how hard it all was during her recovery process.

Love at first swipe!Firefighter and maths teacher who fell for each other on Tinder and now have an adorable one-year-old baby girl reveal their tips for finding ‘the one’ online

When you think of dating app, Tinder, long term commitment is not the first thing which springs to mind.

However, for Perth couple, former maths teacher Christie McClennan, 40, and firefighter Adam Fahey, 43, it was love at first swipe.

Thirty minutes into their first date on a Tasmanian beach, the couple knew they had found ‘the one’.

After moving interstate to be together, starting a business named ‘Tinderly’ in honour of their love and travelling around the world, the couple now has an adorable 14-month old baby named Sasha.

Karnataka orders probe against two prison officials.

They are accused of providing special treatment to Sasikala

The Karnataka government has ordered an inquiry against two senior officials of the Parappana Agrahara Central Prison in Bengaluru for allegedly providing special treatment to former Tamil Nadu Chief Minister Jayalalithaa’s aide V.K. Sasikala, who is serving a four-year sentence in a disproportionate assets case.