No evidence of Islamic State hand in Kashmir policeman’s killing: J&K DGP.

A Union Home Ministry official says there was no “physical infrastructure” of terror group in the Kashmir Valley.

The Home Ministry said on Tuesday that an engineering student who recently joined militancy had pushed a message on an Islamic State-affiliated news agency that the outfit had killed a policeman in Srinagar’s Soura area on Sunday. A senior Ministry official said there was no “physical infrastructure” of the IS in the Kashmir Valley and the militant might have used the platform to create confusion.

The militant, Eisa Fazli, who the Home Ministry said was associated with both Lashkar-e-Taiba (LeT) and Hizbul Mujahideen, had pushed the message on news agency Amaq along with a picture of the dead policeman and his rifle.

यहां ऐसे की गई 30 हाथियों की शिफ्टिंग, 300 करोड़ रुपए हुए खर्च.

नैरोबी.केन्या के सोलियो रेंच समेत अलग-अलग जगहों से 30 हाथियों को ट्सावो नेशनल पार्क में शिफ्ट किया गया। केन्या वाइल्ड लाइफ सर्विस के रेंजर्स, वेटनेरियंस और कंजरवेशनिस्ट्स को 3 हाथियों को ही बेहोश करने और लॉरी में लोड करने में 3 घंटे से भी ज्यादा का वक्त लग गया। बेशकीमती दांतों के लिए हाथियों पर शिकार का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही ये किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाते थे, जिसे देखते हुए इन्हें प्राइवेट वाइल्ड लाइफ कंजर्वेंसी से नेशनल पार्क में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। 300 करोड़ रुपए हुए खर्च…

– शुरुआती दौर में सिर्फ तीन हाथियों को तैता तावेता काउंटी के नेशनल पार्क में शिफ्ट किया गया। इसके बाद दो हफ्ते में 30 से ज्यादा हाथियों को देशभर के दूसरे पार्क में शिफ्ट किया गया।

– इस पूरी प्रॉसेज में करीब 3 अरब रुपए खर्च हुए हैं। टूरिज्म कैबिनेट सेक्रेटरी नजीब बलाला ने कहा कि समस्याओं को खत्म करने का यहीं बेस्ट तरीका था।
– उन्होंने कहा कि ट्सावो नेशनल पार्क में इतने हाथी शिफ्ट करने पर उम्मीद है कि जानवर इंसानों की बस्ती में दखल नहीं देंगे।
– उन्होंने बताया कि ट्सावो में करीब 30 हजार हाथी रह सकते हैं, लेकिन इस वक्त यहां सिर्फ 12 हजार हाथी ही रह रहे थे, इसलिए इन्हें यहां शिफ्ट किया गया।

ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम
– इस ट्रांसलोकेशन ऑपरेशन में ग्राउंड और एरियल टीम के बीच जबरदस्त कोऑर्डिनेशन दिखा। फिक्स्ड विंग वाले एयरप्लेन से एक टीम फील्ड हवा में थी। वहीं, दूसरे एयरक्राफ्ट में सवार एक रेंजर हाथियों पर ट्रैकुलाइजर से फायर कर रहा था। जैसे ही सटीक निशाना लगता और जानवर जमीन पर गिरता ग्राउंड टीम मौके पर पहुंच जाती। सबसे मुश्किल काम 7-7 टन के इन हाथियों को शिफ्टिंग के लिए लॉरी पर चढ़ाना था। साथ ही, इस बात का भी ख्याल रखना था कि उनका इसमें कहीं दम न घुटने लगे।

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला 3 दिन के दौरे पर भारत आए, मोदी ने एयरपोर्ट पर किया रिसीव.

नई दिल्ली.जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II बिन अल हुसैन अपने दूसरे दौरे पर मंगलवार रात भारत आए। उन्हें रिसीव करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट पहुंचे। किंग अब्दुल्ला का दौरा तीन दिन का है, वो 1 मार्च तक भारत में रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री और अब्दुल्ला के बीच रक्षा समेत कई अहम करार और दोनों देशों के रिश्तों को बढ़ाने पर चर्चा होगी। किंग ‘इस्लामिक हेरीटेज एंड प्रोमोटिंग अंडरस्टैंडिंग’ विषय पर विज्ञान भवन में स्पीच भी देंगे। बता दें कि भारत और जॉर्डन के बीच 1950 से करीबी रिश्ते हैं।

क्या है अब्दुल्ला का प्रोग्राम?

– विदेश मंत्रालय के मुताबिक, किंग अब्दुल्ला के साथ क्वीन रानिया भी भारत आई हैं, वह 2006 में देश का दौरा कर चुके हैं।
– किंग अब्दुल्ला और नरेंद्र मोदी के बीच दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती देने पर बात होगी। इस दौरान रक्षा समेत कई अहम करार हो सकते हैं।
– बुधवार को वह जॉर्डन के टेक्नीकल इंस्टीट्यूट्स में सहयोग बढ़ाने को लेकर आईआईटी दिल्ली जाएंगे।

– इसके बाद दोनों देशों के सीईओ के साथ बिजनेस को ध्यान में रखते हुए बात करेंगे। बता दें कि भारत और जॉर्डन के बीच 2016-17 में करीब 87 हजार 800 करोड़ का कारोबार हुआ।
– जॉर्डन के किंग गुरुवार को इंडियन इस्लामिक सेंटर की ओर से विज्ञान भवन में आयोजित प्रोग्राम में स्पीच देंगे।

– इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनके सम्मान में भोज देंगे। इसमें उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ कई लोग मौजूद रहेंगे

मोदी ने दिया था न्योता

– फरवरी में नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन दौरे पर गए थे। तब प्रधानमंत्री पहले जॉर्डन पहुंचे थे। मोदी ने इसी दौरान किंग अब्दुल्ला को भारत आने का न्योता दिया।

32 महिलाओं से रेप कर चुका है ये शख्स, मौत की नींद सुलाने सबको देता था साइनाइड

कर्नाटक के इस सीरियल किलर का नाम मोहन कुमार है। उसका जन्म, 1963 में हुआ था। वह पेशे से स्कूल टीचर था। सुनंदा घर से मंदिर जाने के लिए निकली थी। जिसके बाद उसकी लाश मैसूर बस अड्डे पर मिली थी। 2009 में अनीता नाम की महिला की हत्या के बाद इस सीरियल किलर के अपराधों का खुलासा हुआ था.