Overseas direct investment falls to USD 1.1 billion in June 2017

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Guarantees issue decline by 48.1%

Overseas direct investments from India declined by 11.4 per cent to USD 1.1 billion in June 2017. Outward FDI from India touched a nine-year low. This fall in outward FDI was on the back of a sharp 48.1 per cent decline in guarantees issued. On the other hand, equity held increased by 47.3 per cent to USD 568.3 million, while loans disbursed during the month rose by 10.6 per cent to USD 161 million.

References

https://www.rbi.org.in/scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=41154

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने उच्च न्यायालय से कहा – AAP सरकार के पास FIR दर्ज कराने का अधिकार नहीं

कंपनी ने कहा कि एसीबी के पास इस तरह के मामलों की जांच का अधिकार नहीं है.

नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि उसके खिलाफ केजी 6 बेसिन की गैस के दाम बढ़ाने को कथित अनियमितता के लिए दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द कर दिया जाए, क्योंकि आप सरकार उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की पात्रता नहीं रखती.

कंपनी ने न्यायमूर्ति एके चावला को बताया कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार रोधक शाखा (एसीबी) द्वारा उसके खिलाफ 2014 में दर्ज कराई गई एफआईआर के खिलाफ अपील को मंजूर किया जाना चाहिये. कंपनी ने कहा कि एसीबी के पास इस तरह के मामलों की जांच का अधिकार नहीं है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बारे में उच्च न्यायालय की खंडपीठ के 4 अगस्त, 2106 के फैसले का भी जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि एसीबी के पास सिर्फ उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच का अधिकार है और उसके पास केंद्र सरकार के कर्मचारियों की जांच का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि खंडपीठ का फैसला कंपनी के पक्ष में है और यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय के 4 अगस्त, 2016 के फैसले पर रोक नहीं लगाई है

दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता गौतम नारायण ने अदालत को बताया कि 4 अगस्त, 2016 के फैसले को पहले ही उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है. अदालत ने तमाम दलीलों पर गौर करते हुये मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 नवंबर तय की है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहले कार्यकाल में एसीबी को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने को कहा था.

IBPS ने ग्रामीण बैंकों के 15332 पदों पर भर्ती के लिए जारी किया नोटिफिकेशन, जल्‍द करें आवेदन

आईबीपीएस के इन पदों पर भर्ती के लिए उम्‍मीदवारों का चयन ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्‍यू के आधार पर किया जाएगा.

इंस्‍टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्‍शन (IBPS) ने ग्रामीण बैंकों में विभिन्‍न पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन आमंत्रित किया है. इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 14 अगस्‍त, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं. इंस्‍टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्‍शन ने आईबीपीएस ऑफिसर स्केल I,II,III और ऑफिस असिस्टेंट पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती के लिए आवेदन मंगाया है और इसमें 15332 उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी. इन पदों पर भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आवेदक आईबीपीएस की ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख सकते हैं.

पदों का विवरण :
आईबीपीएस की इस भर्ती में ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए 8298 पद, ऑफिसर स्केल-1 पद के लिए 51118 पद, ऑफिसर स्केल-2 के लिए 1747 पद और ऑफिसर स्केल-3 के लिए 169 पद आरक्षित किए गए हैं.

शैक्षणिक योग्यता :
आईबीपीएस के इन पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं तय की गई हैं. पदों से संबंधित योग्‍यताओं की अधिक जानकारी के लिए आईबीपीएस द्वारा जारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख सकते हैं.

आयु सीमा :
इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदक की उम्र अलग-अलग निर्धारित की गई है. ऑफिस असिस्टेंट के लिए 18 से 28, ऑफिसर्स स्केल-1 के लिए 18 से 30 साल, स्केल-2 के लिए 21 से 32 साल और स्केल-3 के लिए 21 से 40 साल तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसमें एससी-एसटी पद के लिए 5 साल, ओबीसी पद के लिए 3 साल और दिव्यांग उम्मीदवार के लिए उम्र सीमा में छूट दी जाएगी.

पे-स्‍केल :
ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए 7200-19300 रुपये, ऑफिसर स्केल-1 पद के लिए 14500- 25700 रुपये, ऑफिसर स्केल-2 के लिए 19400- 28100 रुपये और ऑफिसर स्केल-3 के लिए 25700- 25700 रुपये पे-स्केल तय की गई है.

आवेदन शुल्‍क :
सेलेक्‍शन ने प्रोबेशनरी ऑफसर और मैनेजमेंट ट्रेनी पदों पर भर्ती करने के इच्‍छुक आवेदक को 600 रुपये ऑनलाइन माध्‍यम से जमा करना होगा. वहीं एससी/एसटी/पीडब्‍ल्‍यूडी वर्ग के आवेदकों को 100 रुपये शुल्‍क जमा करना होगा. यह फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग आदि के माध्यम से जमा की जा सकती है.

चयन प्रक्रिया :
आईबीपीएस के इन पदों पर भर्ती के लिए उम्‍मीदवारों का चयन ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्‍यू के आधार पर किया जाएगा. ऑनलाइन परीक्षा दो प्रारंभिक और मुख्‍य चरणों (प्री और मेंस परीक्षा) में होगी.

ऐसे करें आवेदन :
आईबीपीएस के इन पदों पर भर्ती के लिए इच्‍छुक और योग्‍य उम्मीदवार 14 अगस्‍त, 2017 तक आईबीपीएस की ऑफिशियल वेबसाइट (http://www.ibps.in) पर जाकर दिए गए निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने के लिए आईबीपीएस की ऑफिशियल वेबसाइट पर CLICK HERE TO APPLY ONLINE FOR CRP-RRBs-OFFICERS (Scale-I, II and III)” या “CLICK HERE TO APPLY ONLINE FOR CRP-RRBs-OFFICE ASSISTANT (Multipurpose) लिंक पर क्‍लिक कर आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक आगे की चयन प्रक्रिया के लिए फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल कर रख लें.

मायावती की राह रोकने के लिए केशव प्रसाद मौर्य मोदी सरकार में बन सकते हैं मंत्री!

नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के सियासी हलकों में इस बात की चर्चाएं तेज हो रही हैं कि उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य केंद्र की सत्‍ता में जा सकते हैं. दरअसल सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे मुख्‍य रूप से सियासी वजहों को जिम्‍मेदार माना जा रहा है. दरअसल मायावती के राज्‍यसभा इस्‍तीफे के बाद इन अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को अपने पद पर बने रहने के लिए विधानसभा या विधान परिषद का सदस्‍य बनना जरूरी है. फिलहाल वह फूलपुर से सांसद हैं. यदि वह विधानभवन में पहुंचते हैं तो उनको अपनी संसदीय सीट छोड़नी पड़ सकती है.

सूत्रों के मुताबिक मायावती फूलपुर उपचुनाव में उतर सकती हैं. मायावती ने हालांकि इस तरह का कोई ऐलान तो नहीं किया है लेकिन यह सीट बीएसपी के लिए मुफीद मानी जा रही है क्‍योंकि 1996 में यहां से पार्टी के संस्‍थापक कांशीराम चुनाव लड़ चुके हैं. उस दौरान सपा के जंग बहादुर पटेल ने उनको हरा जरूर दिया था लेकिन इस सीट पर अन्‍य पिछड़े वर्ग, अल्‍सपसंख्‍यक और दलित तबके की बड़ी आबादी है. यह भी सुगबुगाहट है कि मायावती के चुनाव लड़ने की स्थिति में सपा और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल एकजुटता दिखाते हुए उनकी उम्‍मीदवारी का समर्थन कर सकते हैं. इस सूरतेहाल में सपा, कांग्रेस और बसपा के गठजोड़ वाले संयुक्‍त वोट से बीजेपी के प्रत्‍याशी को मुकाबला करना होगा.

महागठबंधन का टेस्‍ट
2019 के लोकसभा चुनावों की पृष्‍ठभूमि में इस विपक्षी गठजोड़ को सियासी टेस्‍ट के रूप में भी देखा जा रहा है. इस लिहाज से बीजेपी सतर्क हो गई है और वह किसी भी सूरत में विपक्षी महागठबंधन को फिलहाल कोई मौका देने के मूड में नहीं है. इस‍ लिहाज से सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के रणनीतिकार मान रहे हैं कि केशव प्रसाद मौर्य की सीट फिलहाल उनके पास ही बरकरार बनी रहनी चाहिए.

मंत्रिमंडल विस्‍तार की संभावना
सूत्रों के मुताबिक इस बात की भी संभावना है कि 15 अगस्‍त के बाद पीएम नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्‍तार कर सकते हैं. लिहाजा केशव प्रसाद मौर्य को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. हालांकि इस दशा में यूपी में प्रचंड बहुमत से सत्‍ता में आई बीजेपी को सीएम योगी के मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण साधने के लिए किसी अन्‍य ओबीसी चेहरे को केशव प्रसाद मौर्य की जगह लाना होगा.

बांग्लादेश में सड़क पर कत्ल के इस वीडियो को कश्मीर का बता कर रहे हैं वायरल

तस्वीर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट है।

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है।  इससे पहले भी ये वीडियो दो बार वायरल हो चुका है। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि हर बार इस वीडियो के बारे में अलग-अलग बातें लिख कर शेयर की गईं। एक बार इस वीडियो पर लिखा गया कि बिहार के नवादा में मुसलमानों ने एक हिंदू को उतारा मौत के घाट। दूसरी बार इस वीडियो के बारे में लिखा गया कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों द्वारा एक हिंदू शख्स का कत्ल। तीसरी बार भी इसी वीडियो को वायरल किया गया और इसके बारे में लिखा गया कि कश्मीरी छात्रों द्वारा सीआरपीएफ जवान का कत्ल। आपको बता दें कि जिस वीडियो को भारत का बता कर बार-बार वायरल किया जा रहा है ये वीडियो भारत का है ही नहीं। दरअसल सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया – ‘अभी अभी मरे एक मित्र ने वीडियो सेंड की है जो श्रीनगर में पड़ता है। ये आज की वीडियो है ।कृपया इसे किसी न्यूज़ चैनल तक पहुंचआ दे। कश्मीरी स्टूडेंट CRPF जवान को मार रहे है। दोस्तों ईनसानीयत के नाते आपसे हाथ जोड़कर विनती है की यह विड़ीयो ज्यादा से ज्यादा गृपो में भेजना है। कल शाम तक हर एक नयुज चैनल पे आना चाहीऐ।’

श‍िवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का नरेंद्र मोदी पर हमला- झूठे वादों से चुनाव जीते जा सकते हैं, जंग नहीं

ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में कहा, “पाकिस्तान और चीन की ओर से मिलने वाली धमकियों में हाल के दिनों में वृद्धि हुई है और हमारे पास उनसे लड़ने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद नहीं है।”

एनडीए में बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने केंद्र की मोदी सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि चीन को उकसाने से पहले देश को अपनी रक्षा तैयारियों को ध्यान में रखना चाहिए। सहयोगी बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि चुनाव तो झूठे वादों की दम पर जीते जा सकते हैं, लेकिन जंग खुद की प्रशंसा करके नहीं जीती जा सकती। ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में कहा, “पाकिस्तान और चीन की ओर से मिलने वाली धमकियों में हाल के दिनों में वृद्धि हुई है और हमारे पास उनसे लड़ने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद नहीं है।” उद्धव ने बीजेपी से सवाल पूछते हुए कहा कि तीन साल में इस ताकतवर सरकार ने क्या किया?

भारत की ओर से चीन को यह बताने पर कि अब वह 1962 वाला भारत नहीं है, पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि जब हम चीन को बताते हैं कि आज का भारत, 1962 के भारत से अलग है, तो हमें अपना मुंह खोलने से पहले अपने पास मौजूद गोला-बारूद को याद रखना चाहिए। केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार की सहयोगी शिवसेना ने कहा, “कोई भी झूठे वादों और आत्म-प्रशंसा पर चुनाव जीत सकता है लेकिन युद्ध नहीं।” साथ ही ठाकरे ने कहा कि सरकार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के अपने वादे में असमर्थ साबित हुई है। उन्होंने कहा कि नोटबंद के बाद के 4 महीनों में 15 से 16 लाख लोगों ने अपनी नौकरी गंवाई और भविष्य में स्थितियां और खराब होने वाली है।