यूपी: 21 घंटे के ट्रेन के सफर में हुआ प्यार फिर युवक-युवती फरार

ट्रेन में परिवार के साथ सफर कर रही युवती को बगल की सीट पर बैठे युवक से प्यार हो गया। 21 घंटे के सफर में दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे और साथ जीने का फैसला कर लिया। बताया जा रहा है कि लखनऊ में दोनों उतर गए। कंट्रोल से शाहजहांपुर आरपीएफ को सूचना मिली तो खोजबीन कराई गई तो पता चला कि ट्र्रेन यहां रुकी ही नहीं थी।

शनिवार दोपहर 12.10 बजे 12357 दुर्गयाना एक्सप्रेस में 22 वर्षीय युवती अपने परिवार के साथ सवार हुई थी। एस-फोर कोच में तीन सीटों पर रिजर्वेशन कराया गया था। बताते हैं कि ट्रेन में युवती को बगल की सीट पर बैठे युवक से बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। ट्रेन अपनी रफ्तार में थी और उतनी ही रफ्तार से उनका प्यार परवान चढ़ रहा था। नतीजन, 21 घंटे के सफर के दौरान युवक-युवती एक-दूसरे को दिल दे बैठे। इस बीच युवती ने साथ रहने का मन बना लिया और वह युवक के साथ फरार हो गई। बेटी को सीट से गायब देखकर परिजनों ने टीटीई को जानकारी दी। वहां से कंट्रोल को सूचना दी गई।

कंट्रोल के आदेश पर शाहजहांपुर आरपीएफ को लाइन पर लिया गया। उन्हें बताया कि लड़की शाहजहांपुर स्टेशन पर उतर गई। उसकी तुरन्त ही तलाश शुरू कराया जाए। स्टेशन से लड़की के गायब होने की सूचना पर खलबली मच गई। सिपाहियों को दौड़ाया गया। इस बीच पॉवर केबिन से गाड़ी की जानकारी की तो बताया कि ट्रेन का स्टापेज यहां नहीं है।

ट्रेन में युवती का किसी युवक से प्रेम होने के बाद शाहजहांपुर में दोनों के उतरने का मैसेज आया था। इस ट्रेन का शाहजहांपुर में स्टापेज नहीं है। यह जानकारी कंट्रोल को नोट करा दी गई है।

रैंसमवेयर का खतरा : भारत पहुंचा वायरस, आज भी हैक हो सकते हैं कई कंप्यूटर

साइबर सुरक्षा शोध से जुड़ी एक संस्था ने रविवार को चेतावनी दी कि शुक्रवार को हुए सबसे बड़े साइबर हमले के बाद दूसरा बड़ा हमला आज हो सकता है। इस साइबर हमले में 150 देशों में 2 लाख से ज्यादा कंप्यूटर चपेट में आए। इधर, भारत में भी कई राज्यों में भी रेनसमवेयर का अटैक हुआ है। रविवार को यूपी के गोरखपुर के पार्क रोड की यामाहा एजेंसी की वेबसाइट हैक हो गई। वहीं आगरा में दो रैनसमवेयर वायरस का अटैक आगरा में भी हुआ। यहां दो मामले साइबर सेल तक पहुंचे।

भारत पहुंचा वायरस
गोरखपुर में एजेंसी मालिक संदीप वैश्य ने बताया की रात में वेब साइट लॉक हो गयी है और यह मैसेज आया। आइटी एक्स्पर्ट्स ने बताया है कि यह रेनसमवेयर हैकर्स की कारस्तानी है। हैकर्स ने तीन दिन में 300 डॉलर्स जमा करने को कहा है। कारोबारी ने थाने में तहरीर दी है। उधर आगरा में दो मामले सामने आए। एक लहंगा व्यापारी है तो दूसरा इंजीनियरिंग का छात्र।

मांगी फिरौती
कंप्यूटर से डाटा चोरी करके दोनों से फिरौती मांगी गई है। आगर और दिल्ली के साइबर एक्सपर्ट ने वायरस देख हाथ खड़े कर दिये हैं। साइबर सेल की टीम इस वायरस की काट खोजने में जुटी हुई है। विदेशी एक्सपर्ट से रया ली जा रही है। अंचित ताजगंज क्षेत्र के निवासी हैं। पिता लंहगा कारोबारी हैं। पढ़ाई के साथ अंचित पिता का कारोबार भी संभालते हैं।

आज भी हो सकता है हमला
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के सुरक्षा शोधकर्ता ‘मैलवेयर टेक’ ने भविष्यवाणी की है कि दूसरा हमला आज की संभावना है और अगर लोग सतर्क न रहे तो इसके शिकार लोगों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि आज हफ्ते का पहला कार्यदिवस होगा। ‘मैलवेयर टेक’ ने रैनसमवेयर वायरस को सीमित करने में मदद की। इस वायरस ने उपभोक्ताओं की फाइलों को अपने नियंत्रण में ले लिया। यह वायरस भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन, फ्रांस और रूस सहित 150 देशों में फैल गया।
ब्रिटेन में 48 राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाएं (एनएचएस) ट्रस्ट व स्कॉटलैंड के 13 एनएचएस निकाय इसके शिकार हुए। इससे कुछ अस्पतालों को अपनी सेवाएं रद्द करनी पड़ी। कंप्यूटरों को नियंत्रण में लेने के बाद वायरस ने फाइलों को खोलने और उपभोक्ताओं के इस्तेमाल करने के लिए 300 से 600 डॉलर बिटकॉइन के भुगतान की मांग की

वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक डोमेन का पंजीकरण कराए जाने के बाद मैलवेयर टेक का ‘आकस्मिक हीरो’ के तौर पर स्वागत किया गया। ‘मैलवेयर टेक’ अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहता। बीबीसी से 22 वर्षीय एक व्यक्ति ने रविवार को कहा कि हमने इसे रोक दिया है, लेकिन कोई दूसरा आ रहा है और इसे हम नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास इस काम को करने के अच्छे मौके हैं। इस सप्ताहांत नहीं, लेकिन इसे सोमवार सुबह तक करने की संभावना है। उन्होंने ट्वीट किया कि वाना डिक्रिप्टर या वानाक्राई का संस्करण 1 रोक दिया गया, लेकिन संस्करण 2.0 को शायद ही हटाया जा सके। इस हमले से आप तभी सुरक्षित हैं, यदि आप जल्द से जल्द मरम्मत कर सकें।

हैकरों की तलाश शुरू
अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं ने दुनियाभर के कई देशों के बैंकों, अस्पतालों और सरकारी एजेंसियों आदि के सिस्टमों को प्रभावित करने वाले साइबर हमले के पीछे के लोगों की तलाश शुरू कर दी है। इसी बीच सुरक्षा विशेषज्ञ इस स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश में हैं। यूरोप की पुलिस एजेंसी यूरोपूल ने कहा कि दोषियों का पता लगाने के लिए एक जटिल अंतरराष्ट्रीय जांच की जरूरत होगी। उसने कहा कि उसके यूरोपियन साइबर क्राइम सेंटर में एक विशेष कार्य बल को ऐसी जांचों में मदद करने के लिए विशेष तौर पर तैयार किया गया है और यह जांच में सहयोग के लिए अहम भूमिका निभाएगा।

रेनसमवेयर अटैकः ये उपाय कर हैकर्स से सुरक्षित रख सकते हैं अपना कंप्यूटर

देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को विश्व भर में तेजी से फैल रहे वनाक्राई रैंसमवेयर की हानिकारक गतिविधियों को लेकर आगाह किया है। यह रैंसमवेयर सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करती है और दूसरे जगह से फाइल को लॉक कर देती है। इसी बीच महाराष्ट्र के पुलिस विभाग ने कहा कि वह इस रैंसमवेयर से आंशिक तौर पर प्रभावित हुआ है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, सिस्टम को ठीक करने के लिए साइबर विशेषज्ञों को काम पर लगाया गया है।

चेतावनी जारी
भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) ने लाल रंग की गंभीर चेतावनी जारी की है। यह हैकिंग से बचाव और भारतीय इंटरनेट डोमेन की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली नोडल एजेंसी है। दुनिया के 100 से अधिक देशों में जबरन वसूली के लिए बड़ी संख्या में साइबर हमलों के मामले सामने आए हैं।

रेनसमवेयर अटैकः हैकर्स ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों से चुराये साइबर टूल्स, अब मांग रहे फिरौती 

गुजरात में सिस्टम होंगे अपग्रेड
चेतावनी के बाद गुजरात सरकार ने राज्य के कंप्यूटर सिस्टम को एंटी वायरस सॉफ्टवेयर से लैस करने और माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव धनंजय द्विवेदी ने कहा कि गुजरात स्टेट वाइड नेटवर्क कनेक्शन से जुड़े कंप्यूटरों की करीबी निगरानी की जा रही है। यह देश का सबसे बड़ा आईपी आधारित सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी अवसंरचना) है।

बरतनी होगी सावधानी
रैनसमवेयर अटैक से बचने के लिए अपने कंप्यूटर में एंटी वायरस अपडेट रखें।
जो भी मेल यूज करते हैं उसमें सिक्योरिटी जरूर रखें।
अनजान लिंक से आए ईमेल को नहीं खोलें
उसके अटैचमेंट और लिंक पर क्लिक नहीं करें।

क्या है रैंसमवेयर
रैंसमवेयर एक ऐसा मालवेयर होता है जो कंप्यूटर सिस्टम के फाइल को लॉक कर देती है और एक निश्चित राशि के भुगतान के बगैर अनलॉक नहीं होती है।

खुली पोल:शहीद के घर CM योगी का अनोखा दौरा, की गई खास तैयारी

देवरिया में शहीद के घर योगी आदित्यनाथ का दौरा विवादों में घिर गया है। पिछले दिनों खबर थी कि शहीद का परिवार सीएम के बगैर शहीद का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। लेकिन बाद में सीएम ने उनके घर का दौरा किया। लेकिन उनके दौरे के दौरान एक ऐसी बात हुई जिसकी तीखी आलोचनाएं हो रही हैं।

शहीद हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सागर के घर में विंडो एसी, सोफा और कालीन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के मद्देनजर लगाया गया था और उनके वापस लौटते ही सारा सामान हटा लिया गया। सागर के परिवारवालों ने बताया कि उनके जाते ही प्रशासन ने सब कुछ हटा लिया। वे सब ये सब देखकर हैरत में रह गए।

सीएम के दौरे से पहले सागर के घर पर नए परदे लगे, बेड, सोफा, एसी सब लगाया गया, लेकिन उनके जाते ही सब हटा लिया गया। मुख्यमंत्री के आगमन के एक दिन पहले गांव की गंदी सड़कों को साफ किया गया। नालों को बंद किया गया। वैसे वे खुले रहते हैं। हेड कांस्टेबल सागर एक मई को जम्मू कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर शहीद हो गए थे।

12 मई को सीएम टीकमपार गांव में शहीद के परिजनों से मिले। उन्होंने परिवार को चार लाख रुपये का चेक दिया और बच्चों की पढ़ाई लिखाई और नौकरी का आश्वासन भी दिया।

योगी सरकार के दो माह पूरे : कानून-व्यवस्था बड़ी चुनौती, साम्प्रदायिक घटनाओं ने बढ़ाई सिरदर्दी

कानून-व्यवस्था के नाम पर पूर्ववर्ती सरकार को घेरकर करीब दो महीने पहले नये तेवर के साथ सत्ता में आई योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने यही मुद्दा सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. योगी आदित्यनाथ सरकार अपने शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल का ‘रिपोर्ट कार्ड’ अगले महीने के अंत में जारी करेंगे मगर बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

लखनऊ: कानून-व्यवस्था के नाम पर पूर्ववर्ती सरकार को घेरकर करीब दो महीने पहले नये तेवर के साथ सत्ता में आई योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने यही मुद्दा सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. योगी आदित्यनाथ सरकार अपने शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल का ‘रिपोर्ट कार्ड’ अगले महीने के अंत में जारी करेंगे मगर बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

प्रदेश भाजपा का कहना है कि योगी सरकार बनने के बाद से प्रदेश की तस्वीर में बदलाव शुरू हो चुका है. गुंडागर्दी खत्म हो रही है और अपराध का ग्राफ गिर रहा है. सरकार में जनता का विश्वास बहाल हो रहा है. मगर सहारनपुर में जातीय संघर्ष, बुलन्दशहर, सम्भल और गोंडा में हाल में हुई साम्प्रदायिक घटनाओं ने सरकार के लिये चिंता खड़ी कर दी है. ज्यादा चिंता की बात यह है कि इन वारदात में भाजपा और तथाकथित हिन्दूवादी संगठनों के लोगों की संलिप्तता के आरोप लगे हैं.

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) समेत तमाम विपक्षी दल उस भाजपा सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहे हैं, जो इसी मसले पर पूर्ववर्ती सपा सरकार की आलोचना करके सत्ता में आई है. बुलंदशहर में एक लड़की को साथ ले जाने की घटना में अल्पसंख्यक समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या मामले में योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा है. हालांकि योगी वाहिनी सदस्यों को कानून हाथ में ना लेने के लिये चेतावनी दे चुके हैं. सहारनपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से क्षेत्रीय सांसद राघव लखनपाल शर्मा की अगुवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के घर पर हमला किया. इस मामले में विपक्ष सांसद की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है.

प्रदेश में अपराध का ग्राफ चढ़ने से चिन्तित मुख्यमंत्री योगी ने एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने का फैसला किया. योगी खुद इसकी निगरानी करेंगे. हालांकि योगी ने मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश की नौकरशाही को सुधारने का कड़ा संदेश दिया. इसका परिणाम भी नजर आ रहा है. मंत्री और अधिकारी अब 10 बजे से पहले ही दफ्तर पहुंच रहे हैं. करीब एक महीने के दौरान योगी ने विभिन्न विभागों की समीक्षा के लिये करीब 80 प्रस्तुतीकरण देखकर आवश्यक निर्देश दिये हैं.

अपने कार्यकाल के शुरआती करीब दो महीनों में योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उनमें किसानों की 36 हजार 500 करोड़ रपये की कर्जमाफी भी शामिल है. योगी सरकार ने केन्द्र के साथ ‘पॉवर फॉर ऑल’ समझौते पर दस्तखत किये और जिला मुख्यालयों को 24 घंटे तथा गांवों को 18 घंटे बिजली देने का फैसला किया.  भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक का दावा है कि योगी ने अपने 50 दिन के शुरआती कार्यकाल में जितना काम कर दिया है, उतना तो पूर्व के मुख्यमंत्री एक साल में नहीं कर पाते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को अंधेरे में धकेल दिया था. उसने केवल कुछ वीआईपी जिलों को ही बिजली दी, बाकी इलाकों की उपेक्षा की.

North Korea: new long-range missile can carry heavy nuke

Kim says more tests coming up, warns of plans to strike U.S. mainland and Pacific holdings.

North Korea said on Monday the missile it launched over the weekend was a new type of “medium long-range” ballistic rocket that can carry a heavy nuclear warhead. A jubilant leader Kim Jong Un promised more nuclear and missile tests and warned that North Korean weapons could strike the U.S. mainland and Pacific holdings.

North Korean propaganda must be considered with wariness as Pyongyang has threatened for decades to reduce Seoul to a “sea of fire,” but Monday’s claim, if confirmed, would mark another big advance toward the North’s goal of fielding a nuclear-tipped missile capable of reaching the U.S. mainland. Some experts, including officials in Tokyo, estimate that Sunday’s launch successfully tested a new type of missile in Pyongyang’s arsenal.

Challenge to Moon

The test is also an immediate challenge to South Korea’s new leader, Moon Jae-in, a liberal elected last week who expressed a desire to reach out to North Korea. Pyongyang’s aggressive push to boost its weapons program also makes it one of the Trump administration’s most urgent foreign policy worries, though Washington has struggled to settle on a policy.

North Korea’s official Korean Central News Agency called the missile a “new ground-to-ground medium long-range strategic ballistic rocket,” and said the “Hwasong-12” was “capable of carrying a large, heavy nuclear warhead.”

Mr. Kim Jong Un was said to have witnessed the test and “hugged officials in the field of rocket research, saying that they worked hard to achieve a great thing,” according to KCNA.

It landed in the Sea of Japan

The missile flew for half-an-hour and reached an unusually high altitude before landing in the Sea of Japan, the South Korean, Japanese and U.S. militaries said.

The rocket, “newly designed in a Korean-style,” flew 787 kilometers (490 miles) and reached a maximum altitude of 2,111.5 kilometers (1,310 miles), the North said, and “verified the homing feature of the warhead under the worst re-entry situation and accurate performance of detonation system.”

North Korea is not thought to be able yet to make a nuclear warhead small enough to mount on a long-range missile, though some outside analysts think they can arm shorter range missiles with warheads; each new nuclear test is part of the North’s attempt to build a nuclear-tipped long-range missile.

Kim ‘to deal with US blackmail’

Mr. Kim said the North would stage more nuclear and missile tests in order to perfect nuclear bombs needed to deal with U.S. “nuclear blackmail.”

State media paraphrased Mr. Kim as saying that “the most perfect weapon systems in the world will never become the eternal exclusive property of the U.S., … strongly warning the U.S. should not … disregard or misjudge the reality that its mainland and Pacific operation region are in [North Korea’s] sighting range for strike.”

The launch complicates the new South Korean President’s plan to talk to the North, and came as U.S., Japanese and European navies gather for joint war games in the Pacific.

‘Reckless provocation’

“The President expressed deep regret over the fact that this reckless provocation … occurred just days after a new government was launched in South Korea,” senior presidential secretary Yoon Young-chan said. “The President said we are leaving open the possibility of dialogue with North Korea, but we should sternly deal ith a provocation to prevent North Korea from miscalculating.”

Mr. Moon, South Korea’s first liberal leader in nearly a decade, said as he took his oath of office last week that he’d be willing to visit the North if the circumstances were right.

The U.N. Security Council will hold closed consultations about the launch on Tuesday afternoon, according to the U.N. Mission for Uruguay, which holds the council presidency this month.

US warns of new curbs

U.S. Ambassador Nikki Haley said on ABC television that the United States has been working well with China, Pyongyang’s closest ally, and she raised the possibility of new sanctions against North Korea, including on oil imports.

The Security Council has adopted six increasingly tougher sanctions resolutions against North Korea.

President Donald Trump’s administration has called North Korean ballistic and nuclear efforts unacceptable, but it has swung between threats of military action and offers to talk as it formulates a policy.

While Mr. Trump has said he’d be “honored” to talk with Mr. Kim under favorable conditions, Ms. Haley seemed to rule out the possibility. “Having a missile test is not the way to sit down with the President, because he’s absolutely not going to do it,” she told ABC.

ICBM, not yet

The U.S. Pacific Command said the flight of Sunday’s test “is not consistent with an intercontinental ballistic missile,” a technology the North is believed to have tested clandestinely by launching rockets to put satellites in orbit.

David Wright, co-director of the Global Security Program at the Union of Concerned Scientists, said the missile could have a range of 4,500 kilometers (about 2,800 miles) if flown on a standard, instead of a lofted, trajectory considerably longer than Pyongyang’s current missiles. He said Sunday’s launch — the seventh such firing by North Korea this year — may have been of a new mobile, two-stage liquid-fueled missile North Korea displayed in a huge April 15 military parade.

Japanese Prime Minister Shinzo Abe told reporters that the launch was “absolutely unacceptable” and that Japan would respond resolutely.

Flagrant menace for too long: WH

The White House took note of the missile landing close to Russia’s Pacific coast and said in a statement that North Korea has been “a flagrant menace for far too long.”

Italian Premier Paolo Gentiloni said the G-7 summit his country was hosting later this month would discuss how to deal with the risk North Korea’s missile launchings pose to global security.

“It’s a serious problem for global stability and security, and I’m convinced that the upcoming G-7, in friendship, will contribute to resolving this issue,” he said in Beijing.

The launch came as troops from the U.S., Japan and two European nations gather near Guam for drills that are partly a message to North Korea. The USS Carl Vinson, an aircraft supercarrier, is also engaging with South Korean navy ships in waters off the Korean Peninsula, according to Seoul’s Defense Ministry.

Paper balls hurled at podium on maiden day of UP Assembly session

The maiden session of the newly elected Uttar Pradesh Assembly began on a stormy note today with opposition members throwing paper balls at the podium and the marshals trying to dodge them with files.

The customary address of Governor Ram Naik to the joint sitting of the two Houses of the State legislature was drowned in the uproar created by the opposition.

Slogan-shouting opposition members trooped into the Well despite Speaker Hridaya Narain Dixit’s appeal at an all-party meeting to ensure smooth proceedings.

The Governor was flanked by Mr. Dixit and Chairman of the Legislative Council Ramesh Yadav.

Chief Minister Yogi Adityanath was present when the Governor read the address despite the bedlam.

For the first time, the proceedings were telecast live by Doordarshan.

Sara Uttar Pradesh dekh raha hai aap ko (the entire Uttar Pradesh is watching you),” a visibly annoyed Governor told the shouting members, who kept throwing papers at the podium and creating din.

The opposition SP and BSP have decided to take on the Yogi Adityanath government on the law and order front.