यूपी राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने एसपी-बीएसपी गठबंधन को दी मात, 10 में से 9 सीटें जीतीं; एक एसपी के खाते में

Friday, March 23rd, 2018, 6:09 pm

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से 9 पर बीजेपी ने जीत हासिल की। एक सीट सपा के खाते में गई है। 10वीं सीट के लिए बीएसपी के बीआर अांबेडकर और अनिल अग्रवाल के बीच मुकाबला था, जीत बीजेपी को मिली। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9 सीटें जीतने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी का अवसरवादी चेहरा लोगों ने देखा। आज से नहीं प्रदेश की जनता ने काफी पहले से देखा है। मैं सभी सहयोगियों, विधायकों को बधाई देता हूं। समाजवादी पार्टी दूसरों से ले सकती है दे नहीं सकती है।”

बीजेपी अरुण जेटली (वित्त मंत्री), डॉ. अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, डॉ. अनिल जैन, अनिल अग्रवाल जीवीएल नरसिम्हा राव, हरनाथ सिंह यादव।
एसपी जया बच्चन

1) 10वीं सीट पर जीत के लिए मशक्कत क्यों?

– 400 विधायकों ने वोट डाले, यानी राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी पार्टी के पास 37 विधायक जरूरी थे।

– भाजपा गठबंधन के पास 324 सीटें हैं। एक विधायक लोकेन्द्र सिंह का 21 फरवरी को सड़क हादसे में निधन हो गया। वे नूरपुर विधानसभा सीट से चुने गए थे। इस तरह बीजेपी के पास 323 सीटें बचती हैं। 8 सदस्यों को राज्यसभा पहुंचाने के बाद 27 विधायक बचते हैं। ऐसे में एक और सदस्य को अपर हाउस भेजने के लिए 10 विधायकों का समर्थन चाहिए था।

2) बीएसपी की मुश्किल कैसे बढ़ी?

– बसपा के मुख्तार अंसारी और सपा के हरिओम यादव जेल में हैं। हाईकोर्ट ने उनके राज्यसभा चुनाव में वोट डालने पर बैन लगा दिया। बसपा विधायक अनिल सिंह ने भी भाजपा के फेवर में वोटिंग कर दी।

– इसके बाद आंबेडकर को राज्यसभा भेजने के लिए बीएसपी के पास 17, सपा के 8, कांग्रेस के 7, राष्ट्रीय लोकदल के 1 वोट के सहारे थी। इस तरह टोटल 33 विधायक हो रहे हैं। जीत के लिए चार और विधायकों की जरूरत थी।

3) जरूरी वोट नहीं होने के बावजूद समीकरण भाजपा के फेवर में क्यों?
– किसी उम्मीदवार को 37 वोट नहीं मिले, इसके बाद दूसरी वरीयता (सेकंड प्रेफरेंस) के आधार पर जीत का फैसला हुआ। इसमें 10वीं सीट पर बीजेपी का कैंडिडेट जीत गया। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान हर विधायक तय कर सकता है कि वो पहली, दूसरी, तीसरी वरीयता में किसे मत देगा।

– दूसरी वरीयता वाले वोटों की गिनती होती है तो इसमें सभी 400 विधायकों के प्रिफरेंस को देखा गया। भाजपा के पास 323 विधायक होने के कारण 10वीं सीट पर उसके उम्मीदवार के जीतने की संभावनाएं ज्यादा थीं, जो सही साबित हुईं।

4) क्या है राज्यसभा का गणित?

– राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला है= (खाली सीटें + एक) कुल योग से विधानसभा की सदस्य संख्या से भाग देना। इसका जो जवाब आए उसमें भी एक जोड़ने पर जो संख्या होती है। उतने ही वोट एक सदस्य को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए चाहिए।
यूपी में विधायक 403 हैं। दो विधायक वोट नहीं करेंगे। एक विधायक का निधन हो गया।

ऐसे में संख्या 400 हो जाती है।

यूपी में एक राज्यसभा सीट के लिए जरूरी वोट इस तरह तय हुए

10 (खाली सीट)+1= 11

400/11= 36.45

36.45 +1= 37.45

5) यूपी में किसके पास कितनी ताकत?
– उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं। एक सीट बीजेपी विधायक का निधन होने की वजह से खाली है।

पार्टी सीट
1 बीजेपी 311
2 अपना दल 9
3 भारतीय समाज पार्टी 4
बीजेपी अलायंस 324
4 समाजवादी पार्टी 47
5 बहुजन समाज पार्टी 19
6 कांग्रेस 7
7 राष्ट्रीय लोक दल 1
8 निषाद पार्टी 1
9 निर्दलीय 03