यहां ऐसे की गई 30 हाथियों की शिफ्टिंग, 300 करोड़ रुपए हुए खर्च.

Tuesday, February 27th, 2018, 5:16 pm

नैरोबी.केन्या के सोलियो रेंच समेत अलग-अलग जगहों से 30 हाथियों को ट्सावो नेशनल पार्क में शिफ्ट किया गया। केन्या वाइल्ड लाइफ सर्विस के रेंजर्स, वेटनेरियंस और कंजरवेशनिस्ट्स को 3 हाथियों को ही बेहोश करने और लॉरी में लोड करने में 3 घंटे से भी ज्यादा का वक्त लग गया। बेशकीमती दांतों के लिए हाथियों पर शिकार का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही ये किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाते थे, जिसे देखते हुए इन्हें प्राइवेट वाइल्ड लाइफ कंजर्वेंसी से नेशनल पार्क में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। 300 करोड़ रुपए हुए खर्च…

– शुरुआती दौर में सिर्फ तीन हाथियों को तैता तावेता काउंटी के नेशनल पार्क में शिफ्ट किया गया। इसके बाद दो हफ्ते में 30 से ज्यादा हाथियों को देशभर के दूसरे पार्क में शिफ्ट किया गया।

– इस पूरी प्रॉसेज में करीब 3 अरब रुपए खर्च हुए हैं। टूरिज्म कैबिनेट सेक्रेटरी नजीब बलाला ने कहा कि समस्याओं को खत्म करने का यहीं बेस्ट तरीका था।
– उन्होंने कहा कि ट्सावो नेशनल पार्क में इतने हाथी शिफ्ट करने पर उम्मीद है कि जानवर इंसानों की बस्ती में दखल नहीं देंगे।
– उन्होंने बताया कि ट्सावो में करीब 30 हजार हाथी रह सकते हैं, लेकिन इस वक्त यहां सिर्फ 12 हजार हाथी ही रह रहे थे, इसलिए इन्हें यहां शिफ्ट किया गया।

ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम
– इस ट्रांसलोकेशन ऑपरेशन में ग्राउंड और एरियल टीम के बीच जबरदस्त कोऑर्डिनेशन दिखा। फिक्स्ड विंग वाले एयरप्लेन से एक टीम फील्ड हवा में थी। वहीं, दूसरे एयरक्राफ्ट में सवार एक रेंजर हाथियों पर ट्रैकुलाइजर से फायर कर रहा था। जैसे ही सटीक निशाना लगता और जानवर जमीन पर गिरता ग्राउंड टीम मौके पर पहुंच जाती। सबसे मुश्किल काम 7-7 टन के इन हाथियों को शिफ्टिंग के लिए लॉरी पर चढ़ाना था। साथ ही, इस बात का भी ख्याल रखना था कि उनका इसमें कहीं दम न घुटने लगे।